तेजी से बढ़ते इंदौर के विकास को सही रूप देने के लिए तैयारी हो रही है। वाहनों के कारण लगने वाले जाम और पार्किंग स्थल का अभाव बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। इसके चलते इंदौर विकास योजना 2021 के पुनर्विलोकन हेतु इंदौर की वर्तमान तथा भावी व्यापार एवं वाणिज्यिक सेक्टर के विजन, आवश्यकताओं, इत्यादि पर विचार विमर्श करने के लिए बैठक रखी गई।
बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर विकास योजना 2035 के तहत इंदौर के चारों तरफ पार्किंग लॉट बनाने का प्रावधान जोड़ा जाए। इन पार्किंग लॉट में मंडी में आने जाने वाले ट्रक पार्क किए जा सकेंगे एवं इन पार्किंग एरिया का मेंटेनेंस भी मंडी एसोसिएशन द्वारा किया जा सकेगा। इससे शहर में बढ़ रहे ट्रैफिक को भी सुव्यवस्थित कर शहर के ट्रैफिक का विसंकुलन (डिकंजेशन) किया जा सकेगा। उन्होंने अपर कलेक्टर पवन जैन को निर्देश दिए कि वे पार्किंग लॉट बनाने के लिए इंदौर बायपास के समीप, नेमावर व शहर की परिधि क्षेत्रों में शासकीय भूमि का चिन्हांकन करें। ट्रैफिक डीकंजेशन के लिए कमर्शियल बिल्डिंग में मैकेनाइज्ड कार पार्किंग की सुविधा पर भी इनेबलिंग क्लॉज प्रारूप में जोड़ा जाए।
ट्रांसपोर्ट नगर से मिलेगी विकास को गति
कलेक्टर ने कहा कि इसी तरह विकास योजना 2035 के तहत इंदौर में ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाए जाएं, जिसमें विशेष तौर पर कैलोद गांव के निकट भूमि पर शिफ्ट की जा रही कृषि उपज मंडी के समीप भी बड़े क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया जाए। इससे इंदौर के चहुंमुंखी विकास को नई गति प्रदान की जा सकेगी। कैलोद गांव में बनाई जा रही मंडी के पास ही दाल मील व अन्य मीलों की स्थापना का प्रावधान भी विकास योजना के प्रारूप में किया जाए। मंडी में कुछ क्षेत्र ठेला जोन के लिए भी अलग से निर्धारित करें। इंदौर विकास योजना के प्रारूप में कमर्शियल क्षेत्र का 8 प्रतिशत से अधिक भू-उपयोग निर्धारण किया जाए।
कोचिंग संस्थानों के प्रावधानों पर विशेष ध्यान
इंदौर विकास योजना 2035 में कोचिंग संस्थानों से जुड़े प्रावधानों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। इसके अंतर्गत कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं को प्रदान की जाने वाली मूलभूत सुविधाएं, कक्षाओं में न्यूनतम व अधिकतम छात्रों की संख्या और अन्य जरूरी प्रावधानों को भी योजना के प्रारूप में शामिल किया जाए। कलेक्टर ने संयुक्त संचालक नगर और ग्राम निवेश इंदौर एसके मुद्गल को निर्देश दिए कि विकास योजना के सभी स्टेकहोल्डर से पृथक से बैठक लेकर चर्चा की जाए व हितधारकों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को विकास योजना के प्रारूप में सम्मिलित किया जाए। उन्होंने कहा कि इंदौर का विकास यहां के विकासकर्ता, सामुदायिक समूहों एवं हितग्राहियों की भागीदारी के साथ ही संभव है।
यह है इंदौर विकास योजना
इंदौर नगर के सुनियोजित विकास हेतु इंदौर विकास योजना 2021 तैयार की गई थी, जिसे शासन ने 1 जनवरी 2008 द्वारा स्वीकृत किया था। भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया था, जिसमें इंदौर भी सम्मिलित है। मप्र शासन द्वारा इंदौर विकास योजना 2021 को अमृत योजना की गाइड लाइन के तहत पुनर्विलोकन की कार्यवाही का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे योजना वर्ष 2035 के लिए तैयार किया जाएगा।