मध्यप्रदेश कैबिनेट ने गुरुवार को जबलपुर से इंदौर तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलावा स्कूल शिक्षा, विद्यार्थियों की परिवहन व्यवस्था, सिंचाई, आयुष और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय विद्यालयों के विकास के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, विद्यालयों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है।
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स्कूलों और छात्रावासों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि सांदीपनि स्कूलों के साथ शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, आवासीय विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विकास पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें विधायक, सांसद सहित अन्य मदों से मिलने वाले संसाधनों को भी जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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जिलों में कलेक्टर संभालेंगे परिवहन व्यवस्था
स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 241 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तर से बसों के संचालन और रखरखाव में जिलों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए इसकी जिम्मेदारी कलेक्टरों को सौंपी गई है। स्थानीय परिस्थितियों और दरों के अंतर को ध्यान में रखकर जिला स्तर पर बसों का संचालन और रखरखाव किया जाएगा। इससे जनजातीय क्षेत्रों के साथ ओबीसी और अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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सिंचाई परियोजनाओं को पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी
कैबिनेट ने सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि रायसेन जिले के उदयपुरा और भोजपुर क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। सीतामऊ परियोजना के लिए करीब 750 करोड़ रुपये की योजना और सिंगरौली क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाली 1320 करोड़ रुपये की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। बुरहानपुर और अन्य लाभान्वित क्षेत्रों में भी सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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नए जिलों में खुलेंगे महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय
नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के चार कार्यालय खोले जाएंगे। इससे विभागीय योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
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आयुष मिशन के लिए 1698 करोड़ रुपये की योजना जारी रहेगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत करीब 1698 करोड़ रुपये की योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में नौ नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इन कॉलेजों को शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य आयुष शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत करना है।
भोपाल में पर्यटन निवेश की संभावना
मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र के वार्षिक कॉन्क्लेव में 120 से अधिक उद्योगपतियों ने करीब 375 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई है। भोपाल को आईटी और तकनीकी क्षेत्रों के साथ उद्योग, व्यापार और व्यवसाय के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। भोपाल में अगले वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देवास, सीहोर, उज्जैन और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इंदौर और भोपाल के बाद जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी है।