मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनलॉक-3 के संबंध में केंद्र सरकार से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। राज्य मुख्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को तैनात किया जाए ताकि यह सेंटर और बेहतर ढंग से कार्य कर सके।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कोविड टेस्ट 1.15 लाख प्रतिदिन पहुंचने पर संतोष व्यक्त किया। कहा कि डोर टू डोर सर्वे तथा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम तत्परता से किया जाए। इन कार्यों में कोई लापरवाही न हो। कोरोना संक्रमित व्यक्ति को समय से चिह्नित करते हुए उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाए। वहां लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त एंबुलेंस वाहनों की व्यवस्था के लिए सीएसआर फंड का उपयोग करने के निर्देश दिए। कहा कि एंबुलेंस कर्मियों को कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए उनका प्रशिक्षण जारी रखा जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मास्क के उपयोग और दो गज की दूरी के लिए करें जागरूक
सीएम ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता आवश्यक है। लोगों को संक्रमण से बचाव के संबंध में जागरूक किया जाए। उन्हें मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा दो गज की दूरी बनाए रखने के बारे में जानकारी अवश्य दी जाए। अधिक से अधिक लोगों को आरोग्य सेतु एप तथा आयुष कवच कोविड एप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा प्रबंध करें
मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत और मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके लिए समुचित चिकित्सा प्रबंध भी किए जाएं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाए। राहत कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त नावों की व्यवस्था भी की जाए।
संतकबीरनगर में गो-आश्रय स्थल की व्यवस्था सुधारें
योगी ने गो-आश्रय स्थलों में गोवंश के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि गो-आश्रय स्थलों की साफ-सफाई तथा गोवंश के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गो-आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने संतकबीरनगर में गो-आश्रय स्थल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।