सचिव व आयुक्त से अपर मुख्य सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा है कि ये अधिकारी तीन दिन तक जिलों में रहकर कोविड-19 व संचारी रोग नियंत्रण व बचाव आदि की व्यवस्था की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपेगे।
शासन ने कोविड-19 तथा संचारी रोग नियंत्रण व बचाव आदि से संबंधित व्यवस्था की निगरानी व दिशा देने के लिए नोडल अधिकारियों को तीन दिन तक जिलों में डेरा डालने का निर्देश दिया है। इन अधिकारियों को 16 जनवरी तक तीन दिन जिलों में बिताकर 17 जनवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने शासन स्तर से नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किया है। सचिव व आयुक्त से अपर मुख्य सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा है कि ये अधिकारी तीन दिन तक जिलों में रहकर कोविड-19 व संचारी रोग नियंत्रण व बचाव आदि की व्यवस्था की समीक्षा कर 17 जनवरी तक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को रिपोर्ट सौंपेगे।
इसके अलावा सभी नोडल अधिकारी प्रतिदिन दूरभाष पर डीएम व सीएमओ से समन्वय स्थापित कर तय बिंदुओं पर समीक्षा करेंगे और एक पेज में अपनी दैनिक रिपोर्ट कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को भेजेंगे। नोडल अधिकारी किन-किन बिंदुओं पर समीक्षा करेंगे, इसके बिंदु भी तय कर दिए गए हैं।
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20 तक शत-प्रतिशत प्रथम डोज की वैक्सीनेशन अनिवार्य
मुख्य सचिव ने कहा है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों को शत-प्रतिशत प्रथम डोज व 75 प्रतिशत व्यक्तियों को दूसरी डोज 20 जनवरी तक सुनिश्चित कराया जाए। इसी तरह 15 से 18 आयु वर्ग के शत-प्रतिशत किशारों को 15 जनवरी तक टीके की पहली डोज दे दी जाए। निगरानी समितियों द्वारा बिना टीकाकरण वाले लोगों की सूची जिला प्रशासन को दी जाएगी। प्रत्येक कोविड पॉजिटिव व्यक्ति को मेडिसिन किट व जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता दी जाएगी।