प्रदेश के सभी जिलों में बायो सेफ्टी लेवल (बीएसएल)2 लैब बनने से कोविड ही नहीं बल्कि अन्य संक्रामक बीमारियों का उपचार आसान हो जाएगा। स्थानीय स्तर पर जांच करके चिकित्सक मरीजों का उपचार कर सकेंगे। ऐसे में इन्हें जांच के लिए लखनऊ, दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
विभिन्न संक्रामक बीमारियों की जांच के लिए बायो सेफ्टी लैब बनाई जाती हैं। इनकी क्षमता के अनुसार ही लेवल निर्धारित होता है। केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाली लैब है, लेकिन जिला अस्पतालों में संक्रामक बीमारियों से जुड़ी जांच सुविधा नहीं होने की वजह से मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। कोविड काल के दौरान लैब की गुणत्ता का मूल्यांकन किया गया।
इस दौरान तय हुआ कि बीएसएल 2 लैब से कोविड सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की जांच की जा सकती है। ऐसे में चरणवद्ध तरीके से लैब की संख्या बढाई गई। रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में बीएसएल2 लैब खुल गई है। इसी तरह केजीएमयू में बीएसएल 4 लैब बनने जा रही है तो एसजीपीजीआई में बीएसएल 3 लैब है। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेदब्रत सिंह ने बताया कि लैब होने से संक्रमण होने के कारणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। मरीज में किस रोगाणु की वजह से बीमारी हुई है, इसका सटीक जानकारी मिल सकेगी। बायो सेफ्टी लेवल 2 पूरी तरह से सुरक्षित होती है। ऐसे में जांच में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को किसी तरह का खतरा नहीं रहेगा।