भारत में इस समय एक करोड़ बच्चे किसी ने किसी कारण से पढ़ाई छोड़कर काम करके अपने परिवारों के लिए पैसा कमा रहे हैं। इनमें से 22 लाख बच्चे यूपी के हैं।
जबकि शिक्षा के अधिकार के अनुसार 6 से 14 साल के इन बच्चों को स्कूल जाना चाहिए। यूनिसेफ ने दुनिया भर में बच्चों के हालात पर जारी 2016 की रिपोर्ट में ऐसे कई तथ्य सामने रखे हैं। मंगलवार को राजधानी में इसे जारी किया गया।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में यूनिसेफ की यूपी प्रमुख निलोफर पोरजाद ने बताया कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बच्चे दयनीय स्थिति में हैं। अमीर और गरीब परिवारों में पल रहे बच्चों के लिए स्थितियां इतनी अलग हैं कि कई पीढ़ियों तक यह भेद मिटाना मुश्किल है।
पांच साल से कम उम्र के 3,500 बच्चे हर साल देश में किसी न किसी बीमारी, कुपोषण या अन्य वजहों से मर रहे हैं। उन्होंने कहा, आज भी देश में 61 लाख बच्चे कभी स्कूल नहीं जाते। उप्र में यह संख्या 16 लाख है।
करीब 18.3 प्रतिशत लड़कियां पांचवीं तक की पढ़ाई पूरी होने से पहले स्कूल जाना बंद कर देती हैं, वहीं 47 प्रतिशत लड़कियां दसवीं से पहले पढ़ाई छोड़ देती हैं। उन्होंने सरकार को इन दोनों ही क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत बताई।