रमेश शाह का शॉपिंग मार्ट।
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पाक हैंडलर और टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड रमेश भारतीय जांच एजेंसियों को इंटरनेट कॉल के माध्यम से चकमा देते थे। बैंक अकाउंट में पैसा भेजने की सूचना रमेश को इंटरनेट कॉल से मिलती थी ताकि एजेंसियों को भनक न लग सके।
एटीएस ने यह भी खुलासा किया है कि लॉटरी के नाम पर पाकिस्तान में बैठकर जालसाज भारत में लोगों से ठगी करते थे। कहीं फर्जी वेबसाइट से तो कहीं लुभावने ऑफर देकर ठगी की जाती थी। इसके लिए भारतीय खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। पैसे आने के बाद इसकी सूचना इंटरनेट कॉल के जरिये रमेश को दी जाती थी और रमेश पैसे निकाल कर हैंडलर द्वारा बताए गए लोगों तक पहुंचवा देता था। अपर पुलिस अधीक्षक एटीएस दिनेश यादव ने बताया कि रमेश शाह को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
24 मार्च को एटीएस ने किया था खुलासा
एटीएस ने गोरखपुर और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में कार्रवाई करते हुए 24 मार्च 2018 को छह लोगों को पकड़ा था। इसमें मुकेश प्रसाद, निखिल राय, अंकुर राय, दयानंद यादव, नसीम अहमद और नईम अरशद शामिल थे। उसी समय खुलासा हुआ था कि यह नेटवर्क खाड़ी देशों के अलावा पाकिस्तान और नेपाल से काम कर रहा है।
क्या यह पैसा कश्मीर में सेना पर पत्थर फेंकने वालों को दिया जाता था? इस सवाल पर डीजीपी ने कहा, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी उप्र के कुछ युवक कश्मीर के पुलवामा में नौकरी के लिए गए थे। वहां उन्हें सिलाई के काम के लिए 20 हजार रुपये दिए गए। साथ ही पार्ट टाइम काम के तौर पर पत्थरबाजी के लिए कहा जाता था। पुलवामा से लौटे युवकों ने यह खुलासा किया है। उधर, आईजी एटीएस असीम अरुण ने रमेश शाह को गिरफ्तार करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इस टीम में उपाधीक्षक मनीष सोनकर, उप निरीक्षक खादिम सज्जाद, आरक्षी रामजस व संजय सिंह शामिल थे।
काली कमाई से खड़ा किया साम्राज्य
रमेश ने काली कमाई से ही साम्राज्य खड़ा किया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी उसने गोरखपुर में पॉश इलाके असुरन चुंगी के पास सत्यम शॉपिंग मार्ट खोला। यह मार्ट अगस्त 2017 में खुला था। अच्छा व्यापार चल रहा था। रमेश का संपर्क शहर के तमाम प्रतिष्ठित लोगों से था।
जाकिर नाइक के फॉलोअर्स की तलाश
गोरखपुर में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के जाकिर नाइक को फॉलो करने वालों की तलाश भी एटीएस, एनआई की टीम कर रही है। एटीएस के मुताबिक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड रमेश शाह भी जाकिर नाइक को फॉलो करता था। अक्सर यू ट्यूब पर जाकिर नाइक का वीडियो देखता था। साथ ही उसकी तकरीर को आगे बढ़ाता था। जाकिर की बात सुनकर ही रमेश देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया। एनआईए और एटीएस ने जाकिर नाइक के फॉलोअर्स को पकड़ने के लिए यू ट्यूब की मदद भी मांगी है। यू ट्यूब से जानकारी मिलते ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होगी।