उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 30 रुपये कर दी है। टिकट की यह दर मंगलवार से 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। बता दें कि पहले प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 10 रुपये थी पर त्योहारी सीजन को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ला ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर स्टेशन एवं प्लेटफॉर्मों पर अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए यह कवायद की जा रही है।
शुरू नहीं हो सका मेमू व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन, यात्री परेशान
कोविड के चलते लंबे समय से बंद मेमू व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे को भी लाखों रुपये की चपत लग रही है। कई एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन तो शुरू हुआ है, लेकिन मेमू व पैसेंजर ट्रेनें के न चलने से नियमित यात्रियों के सामने कठिनाई है।
जिले से कानपुर के बीच प्रतिदिन चार मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाता था। सुबह से लेकर देर रात तक चलने वाली इन मेमू ट्रेन से लखनऊ व कानपुर में नौकरी करने वाले लोग डेली पैसेंजर की तरह इसका इस्तेमाल करते थे। गोंडा व अयोध्या से लखनऊ के बीच भी दो पैंसेजर ट्रेन संचालित की जाती थी। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग बाराबंकी से लेकर लखनऊ तक का सफर आसानी से कर लेते थे लेकिन जब से कोविड महामारी आई है, इन ट्रेनों के संचालन में ब्रेक लग चुका है। रेलवे को भी प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि यात्री भी परेशान है। यात्री रेलवे प्रशासन से इन ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की मांग कर रहे है।
यात्री सचिन कुमार, अभिषेक पांडेय, मनमीत सिंह, आकाश पाठक आदि ने बताया कि मेमू व पैंसेजर ट्रेन चलने से लखनऊ व कानपुर का सफर बड़ी आसानी से हो जाता था लेकिन अब जब यह ट्रेनें बंद है तो या तो एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ो या फिर सड़क मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है, जिसके चलते जाम की समस्या भी बनी रहती है। स्टेशन अधीक्षक विनय कुमार शुक्ला का कहना है कि ट्रेनों के संचालन का निर्णय मुख्यालय से होता है। स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।