रुदौली में जनसभा संबोधित करते असदुद्दीन ओवैसी।
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ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को सूफी संत शेख मखदूम अब्दुल हक की दरगाह में जियारत के बाद रुदौली विधानसभा से अपने चुनाव अभियान का आगाज किया।
अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि भारत की संसद देखती है कि आपके दो भाई भारत की पार्लियामेंट में है। असदुद्दीन ओवैसी के पास क्या दलील है। एक तरफ 300 सांसद हैं और एक तरफ इम्तियाज और जलील हैं। हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं बोलते न बोलेंगे। यह जमीन अशफाक उल्ला व राम प्रसाद विस्मिल की है।
यूपी में 21 प्रतिशत मुस्लिम और यादव 9 प्रतिशत हैं। वो कहते हैं कि अखिलेश से मिलो। बसपा से मिलो, मिलेंगे लेकिन समाजवादी पार्टी के मुसलमानों की तरह हम नहीं हैं। बराबरी पर बात होगी। खैरात नहीं चाहिए, हिस्सेदारी चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव आ रहा है। अभी तालिबान, तालिबान शुरू हो जाएगा। हम तो बोल रहे हैं कि तुम तालिबान को बैन क्यों नहीं करते? हम मोदी से पूछ रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि अपनी हिम्मत को बुलंद रखिए और अपने डर से दूर रहिए।
उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और भाजपा के लोग समझ रहे हैं मैं नहीं आऊंगा तो मैं बार-बार आऊंगा। हर बार आऊंगा और आपके दिलों में जगह बना कर जाऊंगा।
ओवैसी ने कहा कि बाबा की सरकार में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए 116 करोड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए लेकिन बाबा ने केवल 16 करोड़ ही खर्च किए। फिरोजाबाद में 50 बच्चे मर गए। क्या नाम बदलने से बच्चे मरना बंद हो जायेंगे? ये न अखिलेश बोल सकते है न बसपा के लोग।