मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को देखते हुए हमें कोविड वैक्सीनेशन को और तेज करना होगा। जनपदवार रणनीति बनाई जाए। वैक्सीन का अभाव नहीं है। भारत सरकार के सौजन्य से कई नए वैक्सीन विकल्प भी जल्द ही उपलब्ध होंगे। जून में एक करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य है। जुलाई में इस लक्ष्य को तीन गुना तक विस्तार दिया जाना चाहिए। इसके लिए एक लाख अतिरिक्त वैक्सीनेटर तैयार किए जाएं। नर्सिंग के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करें, अन्य विकल्प भी तलाशें।
उन्होंने कहा कि सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और एडिशनल सीएमओ जैसे वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के चिकित्सकीय अनुभवों का लाभ लिया जाना चाहिए। यह सभी ओपीडी में सेवाएं देना सुनिश्चित करें। जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में रोटेशन के साथ ओपीडी में सेवाएं दें। टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दें। इनका यह प्रयास अन्य चिकित्सकों के लिए प्रेरणादायी भी होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभावी करा दी जाए।
यह संतोषप्रद है कि कोरोना संक्रमण से हमारे गांव सुरक्षित रहे हैं। जो गांव कोरोना मुक्त हैं, वहां मनरेगा के अंतर्गत गतिविधियां शुरू की जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संचय की महत्ता के दृष्टिगत "कैच द रेन" अभियान शुरू किया है। इसे जनअभियान के रूप में विस्तार देते हुए गांवों में इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाए। एक्सप्रेस-वे के किनारे पौधारोपण कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध शराब की गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए नियोजित प्रयास करने की जरूरत है। हर जिले पर नजर रखी जाए। इस कार्य में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। अवैध शराब के खिलाफ जारी अभियान को और तेज किया जाए। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान खुद कमान संभाले। फील्ड में जाएं, दुकानों का औचक निरीक्षण करें। गड़बड़ी मिले तो कार्रवाई करें।
सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीआईसीयू स्थापित किये जाने हैं। इसके साथ 50 बेड का एनआईसीयू भी हों। इसी तरह जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर भी मिनी पीकू स्थापित किए जा रहे हैं। सभी जिलाधिकारीगण इन कार्यों की सतत मॉनीटरिंग करें।
बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाल के साथ ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं आज से प्रारंभ हुई हैं। अधिकाधिक लोगों को ई-संजीवनी अथवा टेलीकन्सल्टेशन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विशेष परिस्थितियों में ही ओपीडी में मरीज आएं। किसी भी दशा में कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो।
सतत प्रयासों से बेहतर होती परिस्थितियों के बीच मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य हो गई है। बीते 24 घंटे में 378 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। वर्तमान में सभी जिलों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। औद्योगिक इकाइयों की ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने में हर संभव मदद करें। प्रदेश में विभिन्न माध्यमों से 4 सौ से अधिक ऑक्सीजन प्लांट निर्माणाधीन है उसमें से 72 प्लांट कार्यशील हो गए हैं शेष को भी शीघ्र कार्यशील करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों की सीएचसी और पीएचसी में उपकरणों की मरम्मत, क्रियाशीलता, परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और मैन पावर की पर्याप्त उपलब्धता के संबंध में इस संबंध में जारी विशेष कार्रवाई और तेज की जाए। इसकी सतत मॉनीटरिंग हो।