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लखनऊ : केजीएमयू में वेंटीलेटर न मिलने पर गया निजी अस्पताल, सवा लाख खर्च करने पर भी नहीं बची जान 

Tue, 07 Dec 2021 11:17 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

गरीब मरीज ने इलाज में असमर्थता जताई तो उसे केजीएमयू दोबारा भेजा गया। वहां फिर वेंटीलेटर खाली न मिलने पर दलाल उसे कम दर पर वेंटीलेटर दिलाने का झांसा देकर निजी अस्पताल भेज दिया।
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केजीएमयू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फैजाबाद से गंभीर हालत में भेजा गया मरीज सरकारी में वेंटीलेटर की आस में पहले भटकता रहा। वेंटीलेटर न मिलने पर उसे एंबुलेंस दलाल निजी अस्पताल ठेल आए। वहां पर दो दिन भर्ती रहने दौरान उससे सवा लाख रुपए बिल वसूल लिया गया। गरीब मरीज ने इलाज में असमर्थता जताई तो उसे केजीएमयू दोबारा भेजा गया। वहां फिर वेंटीलेटर खाली न मिलने पर दलाल उसे कम दर पर वेंटीलेटर दिलाने का झांसा देकर निजी अस्पताल भेज दिया। वहां इलाज दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज को केजीएमयू भेजा गया था। एंबुलेंस दलाल उसे दूसरे निजी ट्रॉमा सेंटर छोड़ दिया।

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अयोध्या जिला अस्पताल से मरीज हितेश (28) को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था। मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत थी। परिजन मरीज को लेकर केजीएमयू गए। वहां पर वेंटीलेटर खाली नहीं मिला। इसी बीच एंबुलेंस दलाल ने मरीज को राजा बाजार स्थित यूनाइटेट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करा दिया।

वहां पर भर्ती दौरान तीमारदारों ने दो दिन में करीब सवा लाख रुपए बिल वसूले जाने का आरोप है। इसमें वेंटीलेटर शुल्क, दवाएं, डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ फीस मिलाकर करीब 60 हजार रुपए से अधिक का बिल लिया जा रहा था। परिजनों पास रुपए खत्म हो गए तो सोमवार रात उसे दोबारा फिर केजीएमयू ले गए। वहां होर्डिंग एरिया में लगे वेंटीलेटर भरे थे। ऐसे में मरीज को यहां शिफ्ट नहीं कराया जा सका। आखिर में मरीज को परिजन फिर से दोबारा दूसरे निजी अस्पताल ले गए।
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मंगलवार सुबह इलाज दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर वेंटीलेटर के नाम पर मोटी रकम वसूले जाने समेत अन्य आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है। सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, मामले की जांच कराई जाएगी। जांच दौरान मामला सही निकलने पर अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।

कोविड प्रोटोकॉल का भी उल्लघंन हुआ
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर सोमवार रात मरीज को भर्ती कराने के लिए परिजन ले गए। होर्डिंग एरिया में वेंटीलेटर खाली नहीं थे मगर दूसरे विभाग में एक वेंटीलेटर खाली था। कोविड जांच बिना मरीज को शिफ्ट किया जाना भी गलत था। परिजनों का आरोप है दो दिन भर्ती रहने दौरान मरीज की कोविड जांच तक नहीं हुई। 
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तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद है। वेंटीलेटर के नाम पर कोई अधिक शुल्क नहीं लिया गया है।
भूपेंद्र, संचालक यूनाइटेड हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर

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