बैंक ऑफ इंडिया की कैसरबाग शाखा प्रबंधक ने पिता-पुत्र पर फर्जी दस्तावेज लगाकर 20 लाख रुपये का लोन कराकर हड़पने का आरोप लगाया है। बैंक प्रबंधक ने कोर्ट में अर्जी लगाई। जिस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक दिनकर प्रताप सिंह बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक हैं। दिनकर प्रताप सिंह के मुताबिक 2012 में गोमतीनगर निवासी राहुल गुप्ता व उनके पिता हरिश्चंद्र गुप्ता ने 20 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। दोनों की शुभ इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म थी। 17 अक्तूबर को कागजी कार्रवाई के बाद बैंक ने लोन स्वीकृत कर दिया। लोन हासिल करने के लिए एक जमीन के दस्तावेज बंधक रखे गये।
कुछ दिनों बाद से आरोपियों ने लोन की किस्तें देनी बंद कर दी। इस पर बैंक ने नोटिस भेजी। इसके बाद भी कोई किस्त जमा नहीं की। इसके बाद बैंक अधिकारी ने बंधक रखी गई संपत्ति को जब्त करने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की। इस दौरान जांच कराया गया तो सामने आया कि जमीन के दस्तावेज फर्जी थे। प्रबंधक ने आरोप लगाया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पंकज कुमार चंदेल ने कैसरबाग थाने में तहरीर दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से सहयोग न मिलने पर बैंक की तरफ से कोर्ट में अर्जी डाली गई। अब कोर्ट के आदेश पर इस मामले में कैसरबाग पुलिस ने आरोपित राहुल गुप्ता और उनके पिता हरिशचंद्र के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया।