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लखनऊ : हेलो राइड कंपनी का 25 हजार का इनामी निदेशक गिरफ्तार, पांच साल में की 100 करोड़ से अधिक की ठगी

Thu, 11 Nov 2021 10:42 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यह कंपनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61000 रुपये जमा करने के बदले प्रति माह 9582 देने का लालच देकर रुपये ऐंठती थी। कंपनी मे रुपये जमा करने के लिए सात टीमें बनाई गई थीं । इन टीमों में लगभग 150 लोग काम करते थे।
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विस्तार
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लोगों को निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर ठगी करने वाली कंपनी हेलो राइड का निदेशक आजम अली चिनहट इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इस कंपनी ने पांच साल में 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। कंपनी के खिलाफ हजरतगंज, विभूति खंड में कई मुकदमें दर्ज है। पुलिस ने आरोपी निदेशक आजम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसके पास से एक लग्जरी कार, मोबाइल व नकदी बरामद की है।

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एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक हैलोराइड कंपनी, इनफि निटी वर्ड इंफ्रावेंचर कंपनी और ओजोन इनफिनिटी वर्ड एग्रो प्रोड्यूसर नाम की कंपनी संचालित करने वाला जालसाज आजम अली मूलरूप से बलरामपुर का रहने वाला है। कंपनी ने सैकड़ों लोगों से ठगी की है। आरोप है कि कंपनी ने निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का लालच देती थी। जिसके बाद निवेश कराकर रकम हड़प लेती थी। कंपनी के निदेशक आजम अली के खिलाफ विभूति खंड, हजरतगंज और कानपुर में ठगी, जालसाजी के 11 मुकदमें दर्ज हैं। वह दो साल से लगातार फरार चल रहा था।

डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने आजम अली की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। लखनऊ पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम भी लगी थी। एसटीएफ  की साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस की मदद से बुधवार की सुबह कठौता झील के पास से आरोपित आजम अली को दबोचा। उसके पास से एक मोबाइल और चार हजार रुपये भी मिले।
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पांच साल में खोली तीन कंपनियां, 100 करोड़ रुपये ठगे
एसटीएफ की पूछताछ में आजम ने बताया कि उसने अभय कुशवाहा के साथ मिलकर 2013 में इनफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर कंपनी की शुरूआत की थी। जो रियल एस्टेट का काम करती थी।  कंपनी सस्ते दाम में प्लाट देने के नाम पर किस्त के रूप में लोगों से रुपये जमा कराती थी। इस कंपनी के निदेशक अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, शकील अहमद खान और कुछ और लोग थे। इसके बाद आजम अली ने वर्ष 2017 में ओजोन इनफिनिटी वर्ड एग्रो प्रोड्यूसर नाम की कंपनी बनाई।  इस कंपनी में अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, निखिल कुशवाहा, राजेश पांडेय, रागिनी गुप्ता और शकील अहमद खान डायरेक्टर थे। इस कंपनी ने लोगों को कम समय में निवेश की गई रकम को दो गुना करने का लालच देकर ठगी की।

बाइक टैक्सी के नाम पर की ठगी
एसटीएफ के मुताबिक 2018 में आजम अली ने हेलोराइड नाम की कंपनी शुरू की। कंपनी में निखिल कुशवाहा, अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, रागिनी गुप्ता व शकील अहमद निदेशक थे। कंपनी का कार्यालय विभूति खंड के साइबर हाइट्स की 8वीं मंजिल पर खोली गई। यह कंपनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61000 रुपये जमा करने के बदले प्रति माह 9582 देने का लालच देकर रुपये ऐंठती थी। कंपनी मे रुपये जमा करने के लिए सात टीमें बनाई गई थीं । इन टीमों में लगभग 150 लोग काम करते थे। जिसमें प्रेसिडेंट अपनी टीमों के जरिए रुपये जमा करते थे।

इस पर उनको लगभग 15 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। इन कंपनियों मे जब लगभग 100 करोड़ रुपये जमा हो गए तो कंपनी ने ग्राहकों को भुगतान करना बंद कर दिया। इस पर निवेशकों ने विभूति खंड थाने में मुकदमा दर्ज करवाई थी। इस मामले में अभय कुशवाहा को मार्च 2019 में विभूति खंड पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कंपनी ने लखनऊ, फतेहपुर,  बिहार,  पंजाब और नोएडा में अपने कार्यालय खोला था। एसटीएफ  का दावा है कि इन जालसाजों ने अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। इस मामले के सभी आरोपियों के बैंक डिटेल खंगालने की तैयारी एसटीएफ कर रही है। 

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