यूपी खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की बैठक में सिद्धार्थ नाथ सिंह और डॉ. नवनीत सहगल
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मुजफ्फरनगर और लखनऊ में पीपीपी मोड पर खादी प्लाजा का निर्माण किया जाएगा। राजधानी के मोहनलालगंज में माटी कला बोर्ड का ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा। खादी उत्पादन केंद्रों पर सोलर लूम स्थापित कराने के लिए टेरी, नई दिल्ली के साथ एमओयू किया जाएगा। सरकारी स्कूल के बच्चों को खादी की यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए विभाग के 10 उत्पादन केंद्रों को फिर से चालू किया जा रहा है। कंबल बनाने वाले आठ कारखानों में 01 लाख कंबल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खादी एवं ग्रामोद्योग तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को खादी भवन में यूपी खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की 50वीं बैठक में ये जानकारी दी गई।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में ग्रामीणों का योगदान बढ़ाने के लिए विभाग की योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। गांव आत्मनिर्भर बनें इसके लिए कुटीर उद्योग लगाने वालों को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें आधुनिक तकनीक की जानकारी भी दी जाए। लोग खादी उत्पादों के प्रति आकर्षित हों, इसके प्रयास किए जाएं तथा खादी की गुणवत्ता में और सुधार किया जाए। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी विशेषज्ञों की भी सहायता ली जाए। अन्य राज्यों की अच्छी तकनीक को अपनाया जाए।
उन्होेंने कहा कि खादी प्लाजा के जरिये खादी उत्पादों की बिक्त्रस्ी बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। माटी कला में गुणवत्ता लाने के लिए प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश का काला नमक चावल सिंगापुर को 600 रुपये प्रति किलो की दर से निर्यात किया जा रहा हैं। बोर्ड के उपाध्यक्ष गोपाल अंजान ने कहा कि मुजफ्फरनगर एवं नजीबाबाद स्थित कंबल कारखानों में कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके लिए लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अपर मुख्य सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्त्रस्म तथा मुख्यमंत्री रोजगार योजना में अन्य राज्यों की अपेक्षा प्रदेश ने कोरोना काल में भी काफी अच्छी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि उ.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड में ई-आफिस प्रणाली लागू किया जाना प्रस्तावित है। ग्राम स्वराज व ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए अगरबत्ती बनाने की पांच मशीनें खरीदी की गई हैं। प्रशिक्षित महिला समूहों को मशीन उपलब्ध कराकर उन्हे रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार स्वरोजगार प्रोत्साहन नीति के तहत 1500 सोलर चर्खों के साथ विभिन्न टूलकिट्स वितरित किए जाएंगे।
सहगल ने बताया कि बुंदेलखण्ड और प्रयागराज के आसपास भेड़ पालन के माध्यम से ऊन का उत्पादन बढ़ाने के लिए ऊनी यार्न उत्पादन केंद्र शीघ्र स्थापित किए जाएंगे। इससे भेड़ पालकों को ऊन का उचित मूल्य मिलेगा तथा कंबल उत्पादन के लिए आसानी से ऊन भी उपलब्ध हो सकेगा। विभागीय उत्पादन केंद्रों को सस्ती एवं गुणवत्ता युक्त पूनी उपलब्ध कराने के लिए निजी निवेश के माध्यम से पूनी संयंत्र की स्थापना कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित स्फूर्ति योजना के तहत प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इससे बोर्ड के सभी प्रस्ताव सीधे भारत सरकार को भेजे जा सकेंगे। बैठक में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य महेन्द्र सिंह आचार्य, विभूति नारायण सिंह, राम सुंदर चौधरी, वंशलाल कटियार, दिलीप सोनकर व लल्लन तिवारी आदि मौजूद थे।