प्रो. एसएन शंखवार
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केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग के सर्जन ने पेशाब की थैली(यूरिन ब्लैडर) के कैंसर से जूझ रहे मरीज की सर्जरी कर उसकी जान बचा ली।
कैंसर के कारण मरीज को रुक-रुक कर पेशाब होती थी। जांच में कैंसर का पता चलने पर थैली को बाहर निकाल दिया गया और पेट की आंत का छोटा सा हिस्सा लेकर नया यूरिन ब्लैडर बना दिया गया।
मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है। अंबेडकर नगर निवासी एमएल वर्मा (62) को पेशाब रुक-रुककर होती थी। वह इसे नजरअंदाज करते रहे।
जब दिक्कत ज्यादा बढ़ गई तो गोरखपुर में एक डॉक्टर से इलाज कराया। जब कोई फायदा नहीं हुआ तो केजीएमयू में यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो.एसएन शंखवार को दिखाया।
उन्होंने मरीज के लक्षण देखकर जांचें करायी तो पता चला कि एमएल वर्मा की पेशाब की थैली में कैंसर है। इसकी जानकारी मरीज के परिवारीजनों को देते हुए जल्दी से जल्दी सर्जरी कराने की सलाह दी।
प्रो.शंखवार ने बताया कि संक्रमण का समय पर इलाज न कराने के कारण ही रोग बढ़कर कैंसर में बदल गया था। परिवारीजनों की मंजूरी के बाद मरीज की सर्जरी कर उसकी कैंसरग्रस्त थैली को निकाल दिया गया।