कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव व इलाज के लिए आईवरमेक्टिन टैबलेट का प्रयोग किए जाने के आदेश जारी किए हैं। यह दवा हाइड्रॉक्सीक्लारोक्वीन की जगह इस्तेमाल किया जाएगा और संक्रमित व उसके संपर्क में आए लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएगी। इसके लिए दवा की खुराक का निर्धारण भी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि दिल्ली के एम्स, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और मैक्स हॉस्पिटल व आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज उज्जैन समेत कई देशों में आईवरमेक्टिन टैबलेट के इस्तेमाल के उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। बुधवार को हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति के आदेश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए लोगों को संभावित संक्रमण से बचाने के लिए भी यह दवा दी जा सकती है। इसे पहले व सातवें दिन रात्रि भोजन के दो घंटे बाद दिया जाएगा। इसी तरह कोरोना संक्रमितों के इलाज व नियंत्रण में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए पहले, सातवें और 30वें दिन यह दवा दी जाएगी।
जबकि बिना लक्षणों व हल्के लक्षणों वाले मरीजों को पहले तीन दिन रात्रि भोजन के दो घंटे बाद और डॉक्सीसाइक्लीन दिन में दो बार पांच दिन तक दी जाएगी। गर्भवती व धात्री महिलाओं और दो साल से कम उम्र के बच्चों को आईवरमेक्टिन नहीं दी जाएगी। वहीं, डॉक्सीसाइक्लीन दवा गर्भवती, धात्री महिलाओं और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी। बैठक में एजिथ्रोमाइसिन के स्थान पर डॉक्सीसाइक्लीन दवा के प्रयोग पर भी सहमति बनी थी।