लखीमपुर खीरी कांड में बरामद किए गए असलहों की बैलिस्टिक रिपोर्ट लखनऊ फारेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने एसआईटी को सौंप दी है। एसआईटी द्वारा भेजे गए चार में से तीन असलहों से गोली चलने की पुष्टि एफएसएल ने की है। लखनऊ जोन के डीजी/एडीजी एसएन साबत ने बताया कि एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट एसआईटी को दे दी है। एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
जानकारी के अनुसार चार असलहे एसआईटी ने एफएसएल को जांच के लिए भेजे थे। इसमें दो असलहे रिपीटर गन और पिस्टल अंकित दास के थे जबकि दो अन्य असलहे रिवाल्वर और रायफल गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की थी। सूत्रों का कहना है कि रिपीटर गन, पिस्टल और रायफल से फायरिंग की पुष्टि हुई है। आशीष मिश्रा ने दावा किया था कि उनके असलहे से एक साल से अधिक समय से फायरिंग ही नहीं की। लेकिन एफएसएल की रिपोर्ट ने आशीष मिश्रा के दावे को गलत साबित कर दिया है।
आशीष फिलहाल लखीमपुर खीरी जेल में बंद है। अब एसआईटी को यह साबित करना होगा कि आशीष और आशीष के साथी अंकित दास के असलहों से चली गोली तीन अक्तूबर को लखीमपुर कांड में ही उसी मौके पर चली थी। पुलिस शुरुआत में लखीमपुर की घटना में गोली चलने की बात से इंकार कर रही थी। बाद में पुलिस ने मौके से कारतूस भी बरामद किए थे। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद अब लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और उसके साथी अंकित दास की मुश्किलें बढ़नी तय है।
सुप्रीम कोर्ट जता चुका है गहरी नाराजगी
इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट पर गहरी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूरी जांच पर ही सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने लैब की रिपोर्ट को लेकर भी टिप्पणी की थी। एसआईटी ने असलहों के साथ-साथ कुछ मोबाइल फोन भी फारेंसिक साइंस लैब को भेजे थे। मोबाइल फोन की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।