फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Violence Case: बैलिस्टिक रिपोर्ट में गोली चलने की पुष्टि, बढ़ सकती है आशीष मिश्रा की मुश्किलें, लैब ने एसआईटी को सौंपी रिपोर्ट

Wed, 10 Nov 2021 01:30 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उपद्रव के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र के असलहे से फायरिंग की गई थी।
विज्ञापन
आशीष मिश्रा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी कांड में बरामद किए गए असलहों की बैलिस्टिक रिपोर्ट लखनऊ फारेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने एसआईटी को सौंप दी है। एसआईटी द्वारा भेजे गए चार में से तीन असलहों से गोली चलने की पुष्टि एफएसएल ने की है। लखनऊ जोन के डीजी/एडीजी एसएन साबत ने बताया कि एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट एसआईटी को दे दी है। एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार चार असलहे एसआईटी ने एफएसएल को जांच के लिए भेजे थे। इसमें दो असलहे रिपीटर गन और पिस्टल अंकित दास के थे जबकि दो अन्य असलहे रिवाल्वर और रायफल गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की थी। सूत्रों का कहना है कि रिपीटर गन, पिस्टल और रायफल से फायरिंग की पुष्टि हुई है। आशीष मिश्रा ने दावा किया था कि उनके असलहे से एक साल से अधिक समय से फायरिंग ही नहीं की। लेकिन एफएसएल की रिपोर्ट ने आशीष मिश्रा के दावे को गलत साबित कर दिया है।

आशीष फिलहाल लखीमपुर खीरी जेल में बंद है। अब एसआईटी को यह साबित करना होगा कि आशीष और आशीष के साथी अंकित दास के असलहों से चली गोली तीन अक्तूबर को लखीमपुर कांड में ही उसी मौके पर चली थी। पुलिस शुरुआत में लखीमपुर की घटना में गोली चलने की बात से इंकार कर रही थी। बाद में पुलिस ने मौके से कारतूस भी बरामद किए थे। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद अब लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और उसके साथी अंकित दास की मुश्किलें बढ़नी तय है।
विज्ञापन






सुप्रीम कोर्ट जता चुका है गहरी नाराजगी
इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट पर गहरी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूरी जांच पर ही सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने लैब की रिपोर्ट को लेकर भी टिप्पणी की थी। एसआईटी ने असलहों के साथ-साथ कुछ मोबाइल फोन भी फारेंसिक साइंस लैब को भेजे थे। मोबाइल फोन की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें