गरीबों व असहायों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के मामले में आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को एटीएस के विशेष सीजेएम सुनील कुमार की कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी गई। एटीएस ने आरोपी उमर गौतम, जहांगीर आलम, मन्नू यादव, राहुल भोला, इरफान शेख व सलाउद्दीन के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख तय की है।
एटीएस ने चार्जशीट में बताया है कि आरोपी देशव्यापी अवैध धर्मांतरण कराने के लिए गिरोह का संचालन कर रहे थे। गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर व मूक-बधिर लोगों को बहलाकर जबरन धर्मांतरण करा रहा था। धर्म बदलने वाले फिर से मूल धर्म में न लौटे और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो, इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाता था। वहीं विवेचना में पता चला है कि उमर गौतम व जहांगीर आलम ने गिरोह के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर एक सिंडिकेट बनाया। जिसने भारी संख्या में लोगों धर्म परिवर्तन कराया।
आरोपियों ने इस कार्य के लिए इस्लामिक दवाह सेंटर व मूक-बधिर सोसायटी के माध्यम से विदेशियों से हवाला के जरिए धन की व्यवस्था की थी। गौरतलब है कि एटीएस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे पहले जून में उमर गौतम व जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस रैकेट का खुलासा हुआ था।