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यूपी : लेखपालों को प्रति प्रमाणपत्र पांच रुपये पाने का रास्ता साफ, शासनादेश जारी

Fri, 20 Aug 2021 03:17 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

राजस्व लेखपालों को जनसेवा केंद्रों द्वारा ई-डिलवरी से बनने वाले आय-जाति व निवास प्रमाणपत्रों के आवेदन की प्रिंटिंग आदि पर हो रहे खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए पांच रुपये प्रति प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था है।
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विस्तार
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लेखपालों को आय-जाति-निवास प्रमाणपत्र बनाने पर प्रति प्रमाणपत्र 5 रुपये भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

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राजस्व लेखपालों को जनसेवा केंद्रों द्वारा ई-डिलवरी से बनने वाले आय-जाति व निवास प्रमाणपत्रों के आवेदन की प्रिंटिंग आदि पर हो रहे खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए पांच रुपये प्रति प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था है। शासन ने 13 सितंबर, 2019 को शासनादेश जारी कर 5 फरवरी-2019 से 31 अगस्त, 2019 तक बनाए गए प्रमाणपत्रों का सत्यापन करवाकर ऑफलाइन भुगतान कराने व इसके बाद ऑनलाइन भुगतान शुरू करने को कहा था। मगर, ज्यादातर जिलों में भुगतान नहीं किया गया। एक सितंबर-2019 से ऑनलाइन सिस्टम लागू न किए जाने से भुगतान पूरी तरह ठप हो गया। 

‘अमर उजाला’ ने दो वर्ष से लेखपालों को धनराशि न मिलने का मुद्दा 26 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अपर मुख्य सचिव राजस्व ने खबर का संज्ञान लेकर इसकी अड़चन दूर कर दी है। उन्होंने शासनादेश जारी कर कहा है कि जिलों में सॉफ्टवेयर का काम पूरा होने तक लेखपालों को एक सितंबर 2019 से ऑफलाइन भुगतान (प्रति आवेदन 5 रुपये) सुनिश्चित कराया जाए।

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