आयोग ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर पर आने वाला कोई भी खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। पूर्व में अनुमोदित किए गए स्मार्ट मीटर रोल आउट प्लान में यह स्पष्ट था कि इसके लिए राशि की व्यवस्था बिलिंग और राजस्व वसूली क्षमता बढ़ाकर यानी वाणिज्यिक हानियों की कमी से होने वाले लाभ के जरिये की जाएगी।
किसानों को राहत
नियामक आयोग ने टैरिफ आर्डर में साफ किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के निजी नलकूपों पर भले ही मीटर लगवा दिए जाएं, लेकिन उनसे वसूली अनमीटर्ड श्रेणी की दर 170 रुपये प्रति हार्सपावर प्रतिमाह पर ही की जाएगी।
अगस्त के दूसरे सप्ताह से प्रभावी हो सकती हैं दरें
नियामक आयोग द्वारा 2021-22 के लिए घोषित बिजली दरें अगस्त के दूसरे सप्ताह से प्रभावी हो सकती हैं। अब सिर्फ टैरिफ आर्डर के सार्वजनिक प्रकाशन की कानूनी औपचारिकता भर पूरी की जानी है। सार्वजनिक प्रकाशन के सात दिन बाद दरें प्रभावी हो जाएंगी। आयोग ने बृहस्पतिवार को टैरिफ आर्डर जारी करते हुए पावर कार्पोरेशन को हिंदी व अंग्रेजी के समाचार पत्रों में इसका प्रकाशन कराने के निर्देश दिए हैं। चूंकि दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है इसलिए कॉर्पोरेशन को भी इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होगी। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार टैरिफ आर्डर जारी होने के तीन दिन के भीतर इसका सार्वजनिक प्रकाशन कराया जाना चाहिए और प्रकाशन की तिथि के सात दिन बाद दरें स्वत: प्रभावी हो जाती हैं।