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जल्द भारत आएगी रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन, वितरण की तैयारियां पूरी: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Tue, 22 Dec 2020 09:43 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन जल्द ही भारत आ जाएगी। सबसे पहले कोरोना की लड़ाई में पहली पंक्ति में खड़े सभी हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा। वैक्सीन वितरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भारतीय वैक्सीन भी तैयार हो रही है। इससे संबंधित टेस्ट व ट्रायल अंतिम दौर में हैं। रक्षा मंत्री मंगलवार को केजीएमयू के 114वें व 115वें  स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

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रक्षामंत्री ने कहा कि कोरोना ने 1981 के फ्लू की याद दिलाई है। इसलिए प्रधानमंत्री के ध्येय वाक्य ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’ के मंत्र को हर व्यक्ति को अपनाना पड़ेगा। 2020 की यह जंग इसलिए भी अनोखी है क्योंकि इसमें दुश्मन दिखाई नहीं पड़ रहा है। चिकित्सकों की मेहनत से कोरोना से जंग जीतने में कामयाब रहे हैं। ब्रिटेन में नए स्ट्रेन की सूचना है। ऐसे में हमें ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। सरकार हर स्तर पर सक्रिय है। जल्द ही कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू हो जाएगा।

2050 तक केजीएमयू को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएं
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने केजीएमयू की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के चिकित्सा विशेषज्ञों को 2050 तक संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। इस दिशा में अभी से प्रयास शुरू करने होंगे। हर वक्त कुछ नया करने के लिए सोचना होगा। उन्होंने केजीएमयू में स्थित मच्छी (मछली) भवन का जिक्र किया। कहा कि यह अवध की परंपरा है। यह भवन स्वास्थ्य व सौभाग्य का प्रतीक है। इस परंपरा को आगे बढ़ाना होगा।
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उन्होंने चिकित्सकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जब लोग घर में बैठे थे, उस वक्त चिकित्सक व चिकित्साकर्मी कोरोना से जंग लड़ रहे थे। वे सुपरमैन की भूमिका में थे। यह देश उनकी इस भूमिका को हमेशा याद रखेगा। चिकित्सकों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा। परिवार, समाज और अन्य जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना होगा।

3.5 लाख कम्युनिटी हेल्थ प्रोवाइडर

रक्षामंत्री ने कहा, जल्द ही देशवासियों को 3.5 लाख कम्युनिटी हेल्थ प्रोवाइडर मिलेंगे। चिकित्सा की आधारभूत सुविधाओं में बदलाव के लिए 1956 से चल रहे मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में बदलाव कर नया कानून लाया गया और मेडिकल कमीशन बनाया गया है। इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा चिकित्सक तैयार करने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2014 में सिर्फ 381 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब 551 हो गए हैं। इसी तरह 22 एम्स तैयार हो रहे हैं। पहले 2014 तक हर साल 54384 डॉक्टर तैयार होते थे जो अब 80312 तक पहुंच गए हैं।

गरीबों को आयुष्मान से राहत देने का प्रयास
रक्षामंत्री ने आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जीडीपी का 1.16 प्रतिशत स्वास्थ्य खर्च हो रहा है, जो दूसरे देशों से काफी कम है। प्राइवेट अस्पतालों का इलाज काफी महंगा है। औसतन अपने खर्च में 59 फीसदी स्वास्थ्य पर लोग खर्च करते हैं। गरीबों को इस खर्च से बचाने के लिए आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का इंतजाम किया गया है। आयुष्मान कार्ड धारक संबंधित अस्पताल में मुफ्त में इलाज करा सकते हैं। अब तक डेढ़ करोड़ लोग आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा चुके हैं। करीब 17 हजार करोड़ रुपये सरकार खर्च कर चुकी है।
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सेना में नौकरी का न्यौता

रक्षा मंत्री ने केजीएमयू के डॉक्टरों को आर्म्ड फोर्सेज में सेवा देने का न्यौता दिया है। उन्होंने कहा, मरीजों के साथ देश सेवा का भी आनंद लें। कोरोना ने हमें सीख दी है। बताया है कि चुनौती कितनी बड़ी ही क्यों न हो, डटकर विश्वास के साथ मुकाबला करें।

114वें स्थापना दिवस समारोह में 94 को मिले मेडल
114वें स्थापना दिवस समारोह में सर्वाधिक चार मेडल और एक बुक प्राइज नीलांशा वार्ष्णेय मिला। इसके अलावा उर्जश्वेता सिंह, शुभम, चैताली सिंह, इशा आतम, शुभम जैन, प्रिंसी पूनम, स्वाति रानी, शिवम अरोरा, साल्वी शर्मा, शोभित गर्ग, ऐश्वर्या, अंशिका अग्रवाल, श्वेता मणि, योगेंद्र मणि, शिखा, आकांक्षा, वैशाली, श्रद्धा, नितिन भारती, स्वाति, सिमरन, श्रुति, विजय राजे, शशांक गुप्ता, संविदा परिहार, अहमद कूजैर, अविरल, प्राज्या, अन्नया, अंकिता, आयुष, त्रिक्षा गौतम, प्रखर, माहीं फातिमा, प्राची पंवार, मानसी, लिपिका अग्रवाल, अनुभव, प्रदीप्ति, गरिमा, रोशनी, लक्ष्य, मानसी, प्रतिमा, आयुष को मेडल दिया गया। इसके अलावा फार्माकोलॉजी से डॉ. शुची जैन एवं पीडियाट्रिक से डॉ. राजीव कुमार को भी मेडल हासिल किए। दंत संकाय में डॉ. आशुतोष ने बाजी मारी। उन्हें एचडी गुप्ता मेमोरियल सहित चार अवॉर्ड मिला। इसके अलावा नैंसी जैन, निहारिका सिंह, मनीष मीना, अंतरा तिवारी, प्रियांसु सिंह, हिना फातिमा, स्वर्णिमा, अक्षिता, प्रवनीत कुमार कौर, मान्या अग्रवाल, सौम्या गुप्ता, अनिमेश, अंजलि, दिव्या, बृष्टि देबनाथ, गुंजन मेहता, नेहा रानी, नेहा सिंगल, मुमताक मियू, रिजवाना, स्मिता, अंजली सिंह, शशांक शेखर, रमेश कुमार, वनलालरुतसाकी, अपराजिता, ध्रूतिका, अभिनव, सोम्या, रितुपर्णा, मानसी, सागरिका आर्य, अपूर्वा, प्रांजलि सिंह, स्नेहलता, आकांक्षा, स्वाति, अनिता पॉल, राहुल शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2016 बैच के  शुभम कुमार और निकिता चौहान शामिल हैं।

115वें स्थापना दिवस समारोह में 38 को मिले मेडल
115वें स्थापना दिवस में 38 को मेडल मिले। इसमें कोपल रोहतगी, मोनिका, मयंक कुमार, आकाशदीप, मोहम्मद यासिर, प्रिंसी चौधरी, रफयात , दीशू, नीमेश, राहुल, जसनीत, आशुतोष, विदुषी, श्रेशिता, प्रगति, प्रांजल, सेजल, अन्नया, चिन्मय, खादिजा आमीर, महविश, आशीष, मेघा, खुशाल, अरुन, प्रगति, दीपक और आस्था गुप्ता को मेडल मिल। इसी तरह बीडीएस में आशीष झा, अफरीन कुदीर, पारुल, गिन्नी, प्रणय, सतेंद्र, इंदू यादव, श्वेतांबरी, पूजा, विभा यादव ने मेडल हासिल किए।
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