उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने निदेशक वाणिज्य से यह भी मांग की है कि 11 नवंबर के बाद जिन उपभोक्ताओं से आरसीडीसी फीस के रूप में 600 रुपये वसूल किए गए हैं, वह उनके अगले बिल में समायोजित कर दिए जाएं। इस पर निदेशक वाणिज्य ने अधिक समायोजन कराने का भरोसा दिया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि 11 नवंबर को जारी नये बिजली टैरिफ में नियामक आयोग ने कोई बदलाव न करते हुए सिर्फ आरसीडीसी फीस के तौर पर लिए जाने वाले 600 रुपये को कम किया है।
आयोग ने 5 किलोवाट तक का कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से 100 रुपये और इससे अधिक विद्युत भार के स्मार्ट मीटर के कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं से 200 रुपये ही आरसीडीसी फीस लेने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को भी 11 नवंबर से ही लागू कर दिया गया था। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से अधिक वसूली हो रही है।