राजधानी में स्क्रब टाइफस का प्रकोप बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। जिले में अभी तक 21 मरीजों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हो चुकी है।
इसमें भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स घटने लगती हैं। सभी मरीजों की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेजने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
करीब दो माह पहले स्क्रब टाइफस का एक मामला आलमबाग से सामने आया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया।
करीब दो माह से जांच के लिए नमूने केजीएमयू भेेजे जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीजों की स्क्रब टाइफस की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं।
अभी तक 21 मरीज सामने आए हैं। इनमें अधिकतर गोर्साइंगंज, मोहनलालगंज और इंटौजा समेत अन्य ग्रामीण इलाकों के हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन के मुताबिक, स्क्रब टाइफस को लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। लक्षण दिखने पर नमूना लेकर जांच के लिए केजीएमयू भेजा जा रहा है।
कीट काटने के हफ्ते भर बाद आते हैं लक्षण
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद ने बताया कि स्क्रब टाइफस का कीट अधिकतर झाड़ियों या खेत में मिलता है। कीट के काटने के हफ्तेभर बाद मरीज को बुखार आता है। तय समय पर जांच व इलाज शुरू होने पर बीमारी को आसानी से मात दी जा सकती है। इसमें भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स घटने लगती हैं।
पहले जांच न होने से इक्का दुक्का मिलते थे
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि पहले जांच न होने से ऐसे मामले बेहद कम आते थे। कई जिलों में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब दो माह पहले केजीएमयू को जांच किट मुहैया कराई थी।
डेंगू के 35 नए मरीज मिले
राजधानी में शनिवार को डेंगू के 35 नए मरीज मिले। इनमें से आठ मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान 18 घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया। लोकबंधु अस्पताल में चार मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि पांच से अधिक ओपीडी में कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। सिविल-बलरामपुर अस्पताल में दो-दो मरीज भर्ती हुए। इसके अलावा कई मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. अभिलाषा मिश्रा ने बताया कि इंदिरानगर, अलीगंज, आलमबाग, टूड़ियागंज, सिल्वर जुबली, एनके रोड, चिनहट क्षेत्र में कुल 35 डेंगू रोगी मिले।