मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिड्डी दल पर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश के सीमावर्ती जिलों झांसी, ललितपुर, आगरा, मथुरा, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, जालौन, इटावा और कानपुर देहात में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने बुधवार को समीक्षा कर संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों व कृषि विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए। आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की व्यवस्था के अनुसार जिलाधिकारियों को कोषागार नियम-27 के अंतर्गत संसाधनों की व्यवस्था के लिए राशि व्यय करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश स्तर पर टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए नियंत्रण कक्ष और टीमों का गठन किया जा चुका है। टिड्डी दलों के प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भ्रमण और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखकर संबंधित जिलों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालयों पर नोडल अधिकारी, टास्क फोर्स एवं नियंत्रण कक्ष स्थापित हो चुके हैं।
टिड्डी के प्रकोप, उनसे बचाव और सावधानियों के बारे में फोल्डर तैयार कर प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध करा दिया गया है। इसे किसानों और जन सामान्य को भी उपलब्ध कराया गया है।
टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों और ग्राम पंचायत अधिकारियों सहित समस्त क्षेत्रीय कार्मिकों और सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
टिड्डियों के आक्रमण करने की स्थिति में एक साथ इकट्ठा होकर ढोल, नगाड़े, टीन के डब्बे, थालियां आदि को बजाते हुए शोर मचाने के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी गयी है।
कृषि विभाग के जिले के अधिकारियों को क्षेत्रीय निवासियों व किसानों से समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय एकीकृत नाशिजीव प्रबंधन केंद्रों लखनऊ, गोरखपुर और आगरा का भी सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।