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Social Media Poetry: हमें उपेक्षित करते रहना ताकत मिलती है !

काव्य डेस्क

Viral Kavya
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                                                  हमें उपेक्षित करते रहना
ताकत मिलती है ! 

औषधियाँ  देने  वाले जब 
रोगों  के  कारक हो जाते 
शब्दवेध के अभ्यासी जब
मृग के  संहारक हो जाते 

धनुष देखकर ही पैरों को
हिम्मत मिलती है !

प्रश्नावलियां बन जायें जब
सारी     ही    उत्तरमालाएं 
तो  फिर  कोई  हमें बताये 
लेकर प्रश्न कहाँ हम जाएं

कितने ही प्रश्नों की हल से
सूरत मिलती है !
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हमें  उपेक्षित  करने वाले 
नई  दिशाएं  दे   जाते  हैं 
अनजाने ही सही किंतु वे
कई  दवाएं   दे   जाते  हैं 

वीरानों में भटके बिना कहाँ
छत मिलती है ! 

साभार: ज्ञानप्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से 

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