सूरज हूँ ज़िंदगी की रमक़ छोड़ जाऊँगा
मैं डूब भी गया तो शफ़क़ छोड़ जाऊँगा
~ इक़बाल साजिद
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हम-सफ़र चाहिए हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे
~ अहमद फ़राज़
काश वो रास्ते में मिल जाए
मुझ को मुँह फेर कर गुज़रना है
~ फ़हमी बदायूनी
रास आने लगी दुनिया तो कहा दिल ने कि जा
अब तुझे दर्द की दौलत नहीं मिलने वाली
~ इफ़्तिख़ार आरिफ़
कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई
तू ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया
~ जौन एलिया