वो मेरे जीवन में,
पानी की बंदो की तरह,ऐसे आए
जिसके आने से,काली मिट्टी की महक बढ़ जाती है।
और चले ऐसे गए,जैसे मिट्टी में दरारे पड़ जाती है ।।