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दोस्ती

Mudit Jain

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गम की छत के साए में
        
                                                    
                            
कर रहा था मैं जिंदगी गुजार
मस्ती की दरार छत में डाल रहे
कुछ ऐसे थे वो मेरे यार!

~मुदित.
2 वर्ष पहले
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