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भावनाओं को दबाते गए

Mamta Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी के सफ़र में,
        
                                                    
                            
उनको जिताते हुए
स्वयं को हराते गए
भावनाओं को दबाते गए।

जिम्मेदारी के बोझ से,
उनको बचाते हुए
कंधों पर अपने उठाते गए
भावनाओं को दबाते गए।

मुश्किलों की घड़ी में ,
उनको उबारते हुए
खुद को डुबाते गए
भावनाओं को दबाते गए।

मंजिल तक पहुंचने में,
उनको आगे बढ़ाते हुए
हम पछाड़ खाते गए
भावनाओं को दबाते गए ।

- ममता तिवारी
2 वर्ष पहले
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