"मेरे लिए 'शख़्सियत' में आना बहुत ही लाजवाब अनुभव रहा। बहुत दिनों बाद ऐसा इंटरव्यू हुआ जिसमें मेरी ज़िंदगी और ग़ज़ल गायिकी के बारे में बड़े ज़हीन-सवाल पूछे गए।"
-पद्मश्री पंकज उधास
देखिए, अमर उजाला काव्य का नया कार्यक्रम शख़्सियत। ग़ज़ल-गायक पंकज उधास से कवि-पत्रकार आलोक श्रीवास्तव की विशेष बातचीत। बुधवार 5 सितंबर सुबह 10 बजे।