हिंदी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ ओम निश्चल को डॉ. लक्ष्मी शंकर मिश्र निशंक अध्ययन संस्थान, लखनऊ द्वारा "डॉ.लक्ष्मी शंकर मिश्र निशंक साहित्य सम्मान" से नवाजा जाएगा। उत्तर प्रदेश के गांव हर्षपुर, प्रतापगढ़ में जन्मे तथा इन दिनों दिल्ली में रह रहे डॉ.निश्चल को यह सम्मान उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में आगामी 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित सम्मान समारोह में हिंदी संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ उदय प्रताप सिंह और कथाकार डॉ सुधाकर अदीब के सानिध्य में प्रदान किया जाएगा। समारोह में उन्हें पुरस्कार की राशि, प्रशस्ति पत्र प्रतीक चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। डाॅ.निशंक हिंदी की प्राच्य एवं आधुनिक काव्य परंपरा के बड़े साहित्यकारों में रहे हैं और सवैया, घनाक्षरी, कवित्त एवं हिंदी के पारंपरिक छंदों के मर्मज्ञ एवं अवधी, खड़ी बोली और ब्रज भाषा के विख्यात कवि थे ।
पुरस्कृत लेखक डा.ओम निश्चल की अब तक लगभग 50 मौलिक एवं संपादित कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें प्रमुख हैं--शब्द सक्रिय हैं (कविता संग्रह), मेरा दुख सिरहाने रख दो; ये जीवन खिलखिलाएगा किसी दिन(ग़ज़ल संग्रह); द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी: सृजन और मूल्यांकन, शब्दों से गपशप, कविता के वरिष्ठ नागरिक, कवि विवेक जीवन विवेक, समकालीन हिंदी कविता :ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, कविता का भाष्य और भविष्य, कुंवर नारायण: कविता की सगुण इकाई, रामदरश मिश्र : जीवन और साहित्य;विनिबंध..कैलाश वाजपेयी (आलोचना);भाषा की खादी, हिंदी का समाज(निबंध); खुली हथेली और तुलसीगंध (संस्मरण)आदि। डॉ निश्चल ने हिंदी के प्रचार प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा उनके चार बाल गीत संग्रह `कुदरत की लय`, `पूछ रही है चिया` , `हम राष्ट्र आराधन करें` और `सुनो कहानी गाओ गीत` भी प्रकाशित हैं।
संस्थान के मंत्री मुकुल मिश्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह निर्णय संस्थान की निर्णायक समिति के सदस्यों डॉ कमला शंकर त्रिपाठी, प्रो.उषा सिन्हा, श्री योगीन्द्र द्विवेदी एवं डा.आलोक मिश्र द्वारा सर्व सम्मति से लिया गया।
2 वर्ष पहले