हंसाक्षर ट्रस्ट द्वारा यह घोषणा की गई है कि वर्ष 2023 से कहानी विधा के अतिरिक्त अन्य विधाओं यथा अनूदित कहानी, कविता, लघुकथा, ग़ज़ल, लेख, परख, पत्र, मुखपृष्ठ और विक्रेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
हिन्दी साहित्य में युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कथाकार और हंस पत्रिका के सम्पादक राजेन्द्र यादव ने 2013 में ‘हंस कथा सम्मान’ प्रारम्भ किया था। हंस में प्रकाशित उस साल की किसी एक कहानी पर कहानीकार को यह सम्मान दिया जाता है। इन कहानियों को निर्णायक मंडल द्वारा चयनित किया जाता है। यह पुरस्कार राजेन्द्र यादव के जन्मदिन 28 अगस्त को प्रदान किया जाता है। उनके अवसान के बाद प्रतिष्ठित द्वारा सम्मान का नाम ‘राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान’ कर दिया गया था।
विज्ञापन
हंसाक्षर ट्रस्ट द्वारा यह घोषणा की गई है कि वर्ष 2023 से कहानी विधा के अतिरिक्त अन्य विधाओं यथा अनूदित कहानी, कविता, लघुकथा, ग़ज़ल, लेख, परख, पत्र, मुखपृष्ठ और विक्रेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
विगत वर्षों में कई रचनाकारों को इससे सम्मानित किया गया है-
1. एक चट्टान गिरती है खामोशी की नींद में, गांठ- ट्विंकल रक्षिता और विजयश्री तनवीर (संयुक्त)- 2022 एवं विशेष जूरी सम्मान से सम्मानित कहानीः परछाई- शुभम नेगी