महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर अपने बाबूजी और महाकवि हरिवंशराय बच्चन की कविताएं सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। लेकिन इस बार जो कविता उन्होंने पोस्ट की वह गीतकार प्रसून जोशी की थी जिसे उन्होंने बाबूजी की समझ कर साझा कर दिया। हालांकि बाद में इसे हटाकर मूल कवि को क्रेडिट दे दिया गया था। कविता यूं है कि
रुके न तू, धनुष उठा प्रहार कर
तू सबसे पहला वार कर
अग्नि सी धधक-धधक, हिरण सी सजग-सजग
सिंह सी दहाड़ कर, शंख सी पुकार कर
रुके न तू, थके न तू
झुके न तू, थमे न तू
सदा चले, थके न तू
रुके न तू, झुके न तू
अमिताभ बच्चन ने कविता पढ़ते हुए वीडियो पोस्ट की और इसके माध्यम से देश के कोरोना योद्धाओं के जज़्बे की बात की है। वे कहते हैं कि यह समय लड़ाई में योगदान का है, हमें देश के लिए एकजुट होना चाहिए।
T 3902 - WE FIGHT .. come together .. WE WILL WIN !!️ ❤️ 🙏🏼
'रुके न तू' के रचयिता : प्रसून जोशी pic.twitter.com/VOV1tNpiIt— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) May 12, 2021
इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए प्रसून जोशी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कविता की अगली कड़ी साझा करते हुए लिखा कि "नतमस्तक हूँ यदि इस कठिन समय में मेरी कविता 'रुके न तू' सम्बल बनी जिसे आदरणीय अमित जी ने सदा की तरह हृदय से पढ़ा है, इंटरनेट में कुछ स्थानों पर इस कविता को श्रद्धेय हरिवंश राय बच्चन की रचना समझा गया है, उनके शिल्प का मुझ में परिलक्षित होना सौभाग्य है। मां सरस्वती को नमन।"
अमिताभ पहले भी प्रसून जोशी की कविता को हरिवंशराय बच्चन के नाम से साझा कर चुके हैं, हालांकि बाद में उसे हटाकर उन्होंने माफ़ी मांग ली थी।