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'अमर उजाला शब्द सम्मान' के लिए 17 मई तक भेज सकते हैं रचनाएं

काव्य डेस्क

Halchal
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‘अमर उजाला शब्द सम्मान’ के द्वार पर दस्तकों की धूम से रचनात्मकता का ऐसा संसार खुला है, जहां स्मृति से गुजरकर कहानियां सांस ले रही हैं, संवेदना में तपकर कविताएं खिलखिला रही हैं। अमर उजाला फाउंडेशन के इस सम्मान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार है। हालांकि जिस कदर लेखकों और साहित्यकारों ने भरोसा जताया है, उससे साफ है कि समाज और जिंदगी के ताने-बाने में साहित्य के प्रति आस्था अब भी बनी हुई है। सैकड़ों प्रविष्टियां अमर उजाला कार्यालय को मिल गईं हैं।
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इस वर्ष शब्दों की महान परंपरा के...

इस वर्ष शब्दों की महान परंपरा के सतत सम्मान के लिए अमर उजाला परिवार ने ‘शब्द सम्मान’ के रूप में प्रतिवर्ष छह अलंकरणों की स्थापना का निर्णय लिया था। इसके तहत अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से साहित्य में सतत और विशिष्ट रचनात्मक योगदान के लिए दो सर्वोच्च सम्मान ‘आकाशदीप’ (एक हिंदी और एक अन्य भारतीय भाषा में) दिए जाएंगे। इसमें पुरस्कार राशि प्रत्येक के लिए पांच-पांच लाख रुपये है। इसके अलावा हिंदी में पहली पुस्तक के लिए एक लाख की पुरस्कार राशि के साथ ‘थाप’ सम्मान है, जो इस बार कथा के लिए है। इसी के साथ एक-एक लाख राशि के पुरस्कार के साथ तीन अलंकरण (कथा, कविता और गैर कथा विधा में) ‘छाप’ दिए जाएंगे। एक विशेष अलंकरण ‘भाषाबंधु’ की स्थापना भारतीय भाषा में पुल बनाने वाली अनुवाद परंपरा के लिए की गई है। इसमें पुरस्कार राशि एक लाख रुपये है।

अमर उजाला की ओर से...

अमर उजाला की ओर से शब्द सम्मान की घोषणा का साहित्य जगत ने बहुत ही उत्साहजनक स्वागत किया था। अलग-अलग शहरों और महानगरों में ग्यारह से अधिक वरिष्ठ साहित्यकारों ने शब्द सम्मान के पोस्टर जारी करते हुए इसे अनूठा कदम निरूपित किया था।
40 दिन पहले अमर उजाला ने इस सम्मान की घोषणा की थी। तब से आज तक लगभग 8 हजार लेखकों, पाठकों और प्रकाशकों ने सम्मान के प्रपत्र को ऑनलाइन डाउनलोड किया। सभी लेखकों- प्रकाशकों तक विवरण पत्र पहुंचाए गए। तीसरे दिन से ही डाक आने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज तक जारी है। पुरस्कार के लिए प्रस्ताव करने वाले महानगरों से हैं तो सुदूर देहातों से भी।
डाक से एक हफ्ते और स्वीकार की जाएंगी प्रविष्टियां— रचनाकारों के विशेष आग्रह पर फाउंडेशन ने निर्णय किया है कि डाक के जरिए आने वाली प्रविष्टियां एक सप्ताह और यानी 17 मई तक स्वीकार की जाएंगी।  
8 वर्ष पहले
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