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आज का विचार: स्वदेश दीपक

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
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                            उस भाषा के साहित्य का दुर्भाग्य तय है, जहाँ आलोचक महान् हों, कवि नहीं। 
        
                                                    
                            
- स्वदेश दीपक 
एक वर्ष पहले
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