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आज का विचार: आचार्य रामचंद्र शुक्ल

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
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                            देशप्रेम है क्या? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आकलन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नदी, नाले, वन, पर्वत सहित सारी भूमि। यह साहचर्यगत प्रेम है।
        
                                                    
                            

~ आचार्य रामचंद्र शुक्ल

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2 घंटे पहले
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