अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। आतंकवाद को हम सहन ही नहीं कर सकते हैं। आतंकवाद मानवता के खिलाफ है और जो लोग इस गतिविधि में लिप्त हैं, वो जघन्य अपराध कर रहे हैं।
आतंकवाद से लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता है। यह बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुलवामा के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित सैनिक सम्मेलन में कही। सीआरपीएफ 185 बटालियन मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि तीन दिन के जम्मू-कश्मीर के दौरे का यह अंतिम कार्यक्रम है। नि:संकोच यह सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी कार्यक्रम है। मैं मानता हूं कि आप लोग 24 घंटे देश की सुरक्षा के लिए अलग-अलग जगह मुस्तैद हैं। इसी से देश चैन की नींद सोता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अलग प्रकार से आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का फैसला किया है। भारत के सभी लक्ष्यों की पूर्ति तभी हो सकती है, जब हम देश को गलत दृष्टि से देखने वालों से सुरक्षित कर दें और वो कार्य आप लोगों को करना है। हम सभी को करना है। अनुच्छेद 370 और 35ए हटाया गया, तब ढेर सारी अटकलें हिंसा की लगाई जाती थीं। लेकिन आप सभी की मुस्तैदी के कारण कहीं पर किसी को एक गोली भी नहीं चलानी पड़ी। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा विषय है।
देशहित में कश्मीर के लिए इतना बड़ा फैसला लेने के बाद भी जिस मुस्तैदी के साथ आप लोगों ने यहां मोर्चा संभाला, बिना रक्तपात के कश्मीर के अंदर विकास के नए युग की शुरुआत हुई है। मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। आतंकवाद को हम सहन ही नहीं कर सकते हैं। आतंकवाद मानवता के खिलाफ है और जो लोग इस गतिविधि में लिप्त हैं, वो जघन्य अपराध कर रहे हैं।