फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकल्प सप्ताह का आगाज: पीएम मोदी ने मनकोट के वेटिनरी ब्लॉक अधिकारी से की बातचीत

Sat, 30 Sep 2023 03:35 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाल नेटवर्क, पुंछ

सार

पीएम मोदी ने पुंछ जिले के मनकोट के वेटिनरी ब्लॉक अधिकारी डॉ. साजिद अहमद के साथ बातचीत की। पीएम ने डॉ. साजिद से मनकोट ब्लॉक में वेटिनरी के दायरे के बारे में जानकारी ली। ब्लॉक मनकोट को नीति आयोग द्वारा जम्मू कश्मीर में आकांक्षी ब्लॉक में से एक के रूप में चुना गया है। 
विज्ञापन
पुंछ - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए 'संकल्प सप्ताह' का शुभारंभ किया। 'संकल्प सप्ताह' आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ा है। आकांक्षी ब्लॉकों के लिए चलने वाले कार्यक्रम ‘संकल्प सप्ताह’ सप्ताह भर चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत भी की।

विज्ञापन


पुंछ के जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर में वर्चुअल मोड से लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसमें जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के करीब स्थित ब्लॉक मनकोट के पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अधिकारियों ने भाग लिया। 

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने पुंछ जिले के मनकोट के वेटिनरी ब्लॉक अधिकारी डॉ. साजिद अहमद के साथ बातचीत की। पीएम ने डॉ. साजिद से मनकोट ब्लॉक में वेटिनरी के दायरे के बारे में जानकारी ली। ब्लॉक मनकोट को नीति आयोग द्वारा जम्मू कश्मीर में आकांक्षी ब्लॉक में से एक के रूप में चुना गया है। 
विज्ञापन


कार्यक्रम के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. साजिद अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करके मैं बहुत खुश हूं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझसे मनकोट में पशु चिकित्सा के दायरे के बारे में संवाद किया। इस प्रकार प्रधानमंत्री से बात करने से हमारा मनोबल बढ़ा है और हम अपने ब्लॉग को प्रगित की और लेकर जाएंगे।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में ब्लॉक पंचायतों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब हर ग्राम पंचायत काम तेजी से करेगी तो ही हर ब्लॉक का विकास तेजी से होगा। जो लोग इस मिशन से जुड़े हैं, मैं सभी लोगों को बधाई देता हूं, धन्यवाद देता हूं।

उन्होंने कहा कि अभी जो लोग यहां (भारत मंडपम) आए हैं, वो देश के दूर-सुदूर गांवों की चिंता करने वाले लोग हैं। आखिरी छोर पर बैठे हुए परिवार की चिंता करने वाले लोग हैं। उनकी भलाई के लिए योजनाओं को आगे बढ़ाने वाले लोग हैं और इसी महीने यहां वो लोग भी बैठे थे, जो दुनिया को दिशा देने का काम करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें