अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को सरवाल अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह सुबह 11 बजे से शुरू होगा। कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर पुण्य का भागी बन सकता है। शिविर में एकत्रित रक्त की यूनिटें अस्पतालों में आने वाले जरूरतमंद लोगों को नया जीवन देने का काम करेंगी। इसलिए आप आएं और रक्तदान कर कीमती जिंदगी बचाएं। आपका एक कदम कइयों की जिंदगी में खुशहाली ला सकता है।
सरवाल अस्पताल और गांधीनगर अस्पताल के सहयोग से लगाए जा रहे शिविर में विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठन, स्वयंसेवी व छात्र-छात्राएं समेत आप जरूर भागीदार बनें। सरकारी विभागों के कर्मचारी, सुरक्षाबलों के जवान भी स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। सरवाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय रैना का कहना है कि रक्तदान को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति नहीं पालनी चाहिए। यह मानवता के लिए महादान है। लोगों को बढ़ चढ़कर खूनदान करना चाहिए, ताकि उनके रक्त से आम लोगों को लाभ मिल सके। रक्तदान के बाद खून की जांच से कई बीमारियों का भी पता चलता है। एचआईवी, हेपेटाइटिस (बी,सी) व मलेरिया आदि बीमारियों की जांच होती है। मानव शरीर में चौबीस घंटे के भीतर संबंधित सेल खून की मात्रा को पूरा कर देते हैं। शिविर में आप भागीदार बनकर अस्पतालों में खून की उपलब्धता और कमी को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।
रक्तदान से पहले बरतें ये सावधानियां
1. तंबाकू, सिगरेट आदि नशीले पदार्थों का सेवन न करें। 2. अल्प आहार लेने के साथ अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लें। 3. खाली पेट न रहें।
मैं कर सकता हूं रक्तदान... तो इसका जवाब ये
कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीने के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। 18 से 60 साल की आयु का कोई भी व्यक्ति या नौजवान रक्त डोनेट कर सकता हैं। रक्तदाता का हीमोग्लोबिन का स्तर निर्धारित मानक के अनुरूप होना चाहिए।