केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में नीति आयोग 500 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए संभावनाओं को तलाशने पर काम किया जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में प्रशासनिक सचिवों मे शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के व्यय परिणामों और शासन क्षमता में सुधार पर नीति आयोग के साथ चर्चा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि 1 से 10 शिक्षक छात्र अनुपात के बावजूद इसमें सुधार की जरूरत है। अब समय आ गया है कि हम परिणामों को मापने औ्र आउटपट की मात्रा निर्धारित करने की दिशा में काम करें। डा. शेखर बोनो महानिदेशक विकास, निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय नीति आयोग ने केंद्र सरकार में इनपुट पर नजर रखने से लेकर आउटपुट की निगरानी और परिणामों को मापने तक फोकस में बदलाव को रेखांकित किया।
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केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को विश्ष्ठि परिणामों की पहचान करने और लक्षित करने की आवश्यकता है। परियोजनाओं के नियोजन और निष्पादन की दक्षता में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि आयोग जम्मू-कश्मीर में 500 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना बना रहा है। इससे पहले प्रशासचिव सचिव कृषि नवीन चौधरी ने योजमा के लिए डेटा की कमियों को रेखांकित किया।
इसके अलावा प्रशासनिक सचिव धीरज गुप्ता ने सिटी बसों, ई बसों, रियल एस्टेट और आवास के मामले में लेनदेन सलाहकार सेवाओं की तैयारी में विभाग की सहायता करने का अनुरोध किया। आयुक्त सचिव खनन मनोद द्विेदी ने कहा कि आयोग के डैशबोर्ड को सरकार द्वारा मामूली अनुकूल के साथ अपनाया जा सकता है। पर्यटन सचिव सरमद हफीज ने बताया कि जेकेटीडीसी की 12 संपत्तियों की एक सूची आयोग को लेनदेन सलाहकार सेवाओं के मामले में विभाग की सहायता और पीपीपी मोड पर संपत्ति को पट्टे पर देने के लिए एक माडल रियायती समझौके का मसौदा तैयार करने के लिए अग्रेषित किया गया है