सांकेतिक तस्वीर, स्वास्थ्य कर्मचारी।
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जम्मू-कश्मीर में पिछले लंबे समय से इंतजार कर रहे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मचारियों को दिवाली पर भी डीपीसी का तोहफा नहीं मिल पाया है। कुछ माह पहले तीस साल बाद एसआरओ 20 में संशोधन करके डीपीसी का रास्ता खोला गया था। लेकिन विभागों में फाइलों के अभी चक्कर काटने के कारण डीपीसी को अमल में नहीं लाया जा सका है। पिछले चार साल से विभागीय स्तर पर डीपीसी न होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं, जिन्हें अपनी डीपीसी का लाभ नहीं मिल पाया। डीपीसी के लिए चिकित्सा कर्मी दोबारा आंदोलन का मन बना रहे हैं।
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जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि जीएडी के एक आदेश के मुताबिक हर छह माह बाद विभागीय स्तर पर डीपीसी की जानी चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में पिछले चार साल से इसे नहीं किया गया है। जिससे करीब चार हजार कर्मचारियों को डीपीसी का लाभ नहीं मिल पारहा है। डीपीसी के लिए कुछ माह पहले कर्मचारियों से दस्तावेज लेकर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया है।
एसआरओ 20 में संशोधन के बाद 15 दिन के भीतर डीपीसी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी जीएडी और कानून विभाग की ओर से मंजूरी नहीं मिल पाई है। उन्होंने संबंधित विभागों के अध्यक्षों से डीपीसी की सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करके इसे जारी करने की मांग की है।