फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महबूबा का आरोप: कश्मीर की स्थिति से निपटने का केंद्र के पास दमन ही एक मात्र रास्ता, बिपिन रावत के बयान की आलोचना

Sun, 24 Oct 2021 11:07 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र का एकमात्र तरीका दमन है। कश्मीर को खुली जेल में बदलने के बाद भी बिपिन रावत का बयान कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती - फोटो : बासित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र का एकमात्र तरीका दमन है। हाल की हिंसा से निपटने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत द्वारा कश्मीर में और प्रतिबंधों की चेतावनी पर टिप्पणी करते हुए महबूबा ने कहा कि उनका बयान सरकार के घाटी में सब कुछ ठीक होने के दावे के बिल्कुल विपरीत है।

विज्ञापन


महबूबा ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि कश्मीर को खुली जेल में बदलने के बाद भी बिपिन रावत का बयान कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि दमन ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति से निपटने का एकमात्र तरीका है। यह उनके आधिकारिक कथन का भी खंडन करता है कि यहां सब ठीक है।

शनिवार को असम में पहला रविकांत सिंह स्मृति व्याख्यान देते हुए रावत ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में लोगों ने उन्मुक्त होकर जिस स्वतंत्रता का आनंद लेना शुरू किया था वह वर्तमान स्थिति के कारण प्रभावित हो सकता है। उन्होंने लोगों से सहयोग करने का आग्रह भी किया था।
विज्ञापन

 यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जवानों से मिले अमित शाह, बोले- बिना चिंता देश की रक्षा कीजिए, आपके परिवारों की परवाह के लिए मोदी सरकार मौजूद  

पीडीपी प्रमुख ने आश्चर्य जताया कि बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां, अपनी मर्जी से इंटरनेट बंद करने, लोगों की तलाशी लेना (बच्चों को भी नहीं छोड़ना),  दोपहिया वाहनों को जब्त करना और नए सुरक्षा बंकर स्थापित करने जैसे कड़े, कठोर और दमनकारी उपायों के बाद और क्या उपाय किए जाने बाकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें