आतंकी संगठन लगातार घाटी में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की साजिशें रच रहे हैं। पिछले दिनों कई स्थानों पर बरामद हुई आईईडी और शुक्रवार को शोपियां में हुआ आतंकी हमला इसी साजिश का हिस्सा है। सतर्कता, खुफिया इनपुट के चलते इन सभी घटनाओं में सुरक्षाबलों और स्थानीय नागरिकों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा है। आइए एक नजर डालते हैं प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरों पर...
कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने हमला किया है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त नाका पार्टी को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। लिटर अग्लर इलाके में तैनात नाका पार्टी को आतंकियों ने दूर से निशाना बनाकर कई राउंड फायरिंग की। इसके बाद आतंकी फरार हो गए। हमलावरों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान शुरू किया गया है।
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जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा पर तैयार हो रही शाहपुर कंडी परियोजना के नवंबर 2022 तक चालू होने की उम्मीद है। यह भारत की आजादी के 75वें वर्ष को चिह्नित करने वाली प्रमुख घटनाओं में से एक होगा। इसका उद्देश्य भारतीय क्षेत्र में रावी नदी के पूरे पानी का उपयोग करना है, जिसका बड़ा लाभ कठुआ जिले को मिलने वाला है।
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जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के बाद सचिन पायलट की सियासी गलियारों में सबसे अधिक चर्चा हो रही है। इस घटनाक्रम को जम्मू-कश्मीर के लोग भी खास दिलचस्पी से देख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सचिन पायलट जम्मू-कश्मीर के दिग्गज राजनीतिक परिवार के दामाद हैं। सचिन की पत्नी सारा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। पायलट को लेकर जम्मू-कश्मीर के सियासी मायने तो नहीं निकाले जा सकते, लेकिन लोग अपने-अपने कयास लगा रहे हैं।
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फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ राजद्रोह के मुकदमें पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निशाना साधा है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है। नेताओं को पुराने कानूनों की आड़ में छिपना बंद कर देना चाहिए। आलोचना करना राजद्रोह का मामला नहीं हो सकता है।
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सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते का दोनों पक्षों द्वारा अक्षरश: पालन किया जा रहा है, लेकिन भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में सीमा पर अपनी निगरानी में कोई कमी नहीं होने दे रही है। नार्दर्न कमांडर ने कहा कि 25 फरवरी को संघर्ष विराम समझौता हुआ था, उसके बाद से पाकिस्तानी सेना एलओसी पर शांति कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही कहा कि हम अपने देशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम अपनी निगरानी में कोई कमी नहीं होने देंगे।
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