घाटी में अशांति फैलाने और सुरक्षाबलों को निशाने के लिए आतंकी संगठन साजिशें रच रहे हैं। इन्हीं साजिशों के क्रम में आतंकियों ने त्राल में आईईडी प्लांट की। उधर, श्रीनगर में अफगानिस्तान निवासी महिला को पासपोर्ट जारी करने का मामला सामने आया है। इसी संबंध में एसीबी ने छापा भी मारा है। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरें...
अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद बदले हालातों से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। घाटी को दहलाने की साजिशें रची जा रही हैं। सोमवार को आतंकियों ने त्राल में ऐसी ही नापाक हरकत करते हुए आईईडी प्लांट की। जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है। उधर, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने श्रीनगर में पासपोर्ट कार्यालय में छापा मारा है। पढ़ें प्रदेश की बड़ी खबरें...
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सुरक्षाबलों को निशाना बनाने और लोगों में भय उत्पन्न करने के लिए आतंकी साजिशें रची जा रही है। इन्हीं साजिशों के तहत कश्मीर के त्राल में आईईडी प्लांट की गई। जिसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। इस दौरान थोड़ी देर के लिए इलाके में लोगों की आवाजाही रोकी गई।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को पासपोर्ट कार्यालय श्रीनगर में छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, पासपोर्ट कार्यालय द्वारा अफगानिस्तान की एक महिला को पासपोर्ट जारी किया गया है। महिला की शादी एक स्थानीय से हुई है लेकिन उसे अब तक नागरिकता नहीं दी गई है।
देश के बेहतरीन स्पोटर्स स्टेडियमों में से एक होने के साथ ही अरुण जेटली मेमोरियल मल्टी स्पोटर्स कांप्लेक्स उत्तर भारत का अपनी ही तरह का पहला कांप्लेक्स बनने जा रहा है। यूं तो अप्रैल महीने में ही इसका काम जमीनी स्तर पर शुरू करने की तैयारी थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना अब इसी महीने परवान चढ़नी शुरू हो जाएगी।
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बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें पथरीले और फिसलन भरे रास्तों से नहीं बल्कि पक्के ट्रैक से बाबा के दरबार तक जाने का मौका मिलेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए बालटाल और पहलगाम दोनों ही ट्रैक को पक्का करने का फैसला किया है। ट्रैक की चौड़ाई 12 फुट होगी। इसमें पैदल यात्रियों के साथ ही घोड़े और पालकीवालों की आवाजाही का रास्ता होगा।
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कश्मीर की आबोहवा बदल रही है। आतंक के गढ़ रहे इलाकों से सरहद तक अमन की बयार बहने लगी है। अब सड़कों पर न पत्थरबाज दिखते हैं और न ही राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन करने वाले। गांवों-शहरों में सरकारी इमारतों से लेकर सरहद तक तिरंगा फहर रहा है। आतंकवाद को दरकिनार कर युवा पीढ़ी काम धंधे में जुटने लगी है।
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