सुरक्षाबलों को निशाना बनाने और लोगों में भय उत्पन्न करने के लिए आतंकी साजिशें रची जा रही है। इन्हीं साजिशों के तहत कश्मीर के त्राल में आईईडी प्लांट की गई। जिसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। इस दौरान थोड़ी देर के लिए इलाके में लोगों की आवाजाही रोकी गई।
बता दें कि त्राल के सैमोह इलाके में आतंकियों ने आईईडी प्लांट की थी। जिसका समय रहते पता लग जाने से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस स्टेशन त्राल ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि आईईडी का वजन पांच से सात किलोग्राम था।
इससे पहले श्रीनगर शहर के छानपोरा पुलिस थाना से 40 किलोमीटर की दूरी पर प्लांट की गई आईईडी बरामद कर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की आतंकी साजिश को शनिवार को नाकाम किया गया था। नौ से 10 किलो की आईईडी एक काले बैग में रखी गई थी। आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इस आईईडी को प्लांट करने की जिम्मेदारी ली थी।
पुलिस ने बताया कि शनिवार को उन्हें छानपोरा पुलिस चौकी से 40 मीटर की दूरी पर एक संदिग्ध काला बैग मिला। इसकी जानकारी पुलिस के बम निरोधक दस्ते को दी गई। पुलिस ने इलाके को सील कर वहां कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोक दिया। मौके पर सीआरपीएफ के खोजी कुत्ते भी बुलाए गए।
बताया कि बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध बैग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। आस पास के मकानों में से लोगों को बाहर निकाला गया। इस बैग के आसपास रेत की बोरियां रखकर इसे एक कंट्रोल्ड ब्लास्ट के जरिये ट्रिगर किया गया। दूर-दूर तक विस्फोट की आवाज सुनाई दी। सूत्रों के अनुसार यह 9 से 10 किलो की आईईडी थी। घटना के बाद आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस जगह पर यह आईईडी से भरा बैग मिला उस जगह पर करीब रोजाना सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती होती है। कुछ ही दूरी पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ का कई बार नाका भी लगा होता है।