जम्मू। अमरनाथ श्राइन बोर्ड में पद्मश्री समेत विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर योगदान दे रहीं हस्तियों को शामिल किया गया है। बोर्ड में शामिल स्वामी अवदेशानंद गिरि महाराज विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और एक राष्ट्रीय प्रतीक हैं। इसी तरह प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री ने संस्कृत की संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए अपना अहम योगदान दिया है। उन्हें हाल ही में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केएन राय डीआरडीओ के पूर्व मुख्य अभियंता और सलाहकार (रणनीतिक परियोजनाएं) रहे हैं। उन्हें 50 प्रतिष्ठानों, प्रयोगशालाओं की विशेष परियोजनाओं की योजना, डिजाइन और निष्पादन का श्रेय दिया जाता है। यह दुर्लभ करिअर नौकरशाह हैं जिन्हें सभी प्रमुख प्रतिष्ठित सेवाओं में आईएफएस, आईआईआरएस, आईपीएस और आईएएस के लिए चुना गया था। डॉ. शैलेश रैना निदेशक और एचओडी यूरोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांटेशन, जसलोक अस्पताल मुंबई हैं। वह जम्मू कश्मीर की बेहतरीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से परिचत हैं। वह जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में एक गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम भी शुरू कर रहे हैं।
पंडित स्वरूप नाथ सप्रू और पंडित शंभूनाथ सोपोरी के शिष्य कैलाश मेहरा साधु जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक हैं। वह कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी में संगीत के वरिष्ठ प्रशिक्षक के रूप में काम कर चुके हैं और वर्तमान में एमएएम कॉलेज जम्मू में संगीत के प्रोफेसर हैं। डीसी रैना ने जम्मू कश्मीर के महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया। पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त एवं जम्मू क्षेत्र के आईजीपी रहे पीतांबर लाल गुप्ता सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं। वह निडर, समर्पित, सख्त पुलिस अधिकारी के साथ निष्पक्ष और मानवीय होने के लिए जाने जाते हैं।