कोरोना को लेकर फिर खतरे की घंटी बजने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर में सिंतबर-अक्तूबर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं बीसी रोड फ्लाईओवर में बाइक पर पिता के साथ जा रहे छह साल के मासूम की मौत से पूरा शहर सन्न है। साथ ही भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद पाकिस्तानी कबायली हमले के दौरान जिस रणबांकुरेे ने जम्मू-कश्मीर की रक्षा करते प्राण न्योछावर कर दिए, उनका गांव सरकारी उदासीनता से उबर नहीं पाया है।
कोरोना को लेकर फिर खतरे की घंटी बजने के आसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सहित देश के अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों को कोरोना संक्रमण के प्रसार को लेकर चेताया है। इसमें सितंबर और अक्तूबर महीने अहम बताए गए हैं। अक्तूबर में कोरोना के फिर पीक पर जाने की आशंका है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार बाल चिकित्सा देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। शहर के प्रमुख अस्पतालों को तीन डिवीजनों में बांटकर युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। इसमें डिवीजन 1 में एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में कोरोना संक्रमित महिलाओं के प्रसव करवाए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.........
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बीसी रोड फ्लाईओवर में बाइक पर पिता के साथ जा रहे छह साल के मासूम की मौत से पूरा शहर सन्न है। पतंग की डोर कहां से आई थी, किसने पतंग उड़ाई थी और कैसे बच्चे की जान गई। इस पर अभी भी संशय बरकरार है। पुलिस के अनुसार घायल होने के बाद तुरंत बच्चे का इलाज शुरू हुआ। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.........
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद पाकिस्तानी कबायली हमले के दौरान जिस रणबांकुरेे ने जम्मू-कश्मीर की रक्षा करते प्राण न्योछावर कर दिए, उनका गांव सरकारी उदासीनता से उबर नहीं पाया है। आजादी के अमृत महोत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के रक्षक कहे जाने वाले ब्रिगेडियर राजिंद्र सिंह के गांव बगूना के हालात नहीं बदल पाए हैं। ऐसे में शहीद की अनदेखी ग्रामीणों के लिए टीस बन गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.........
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जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों में एक हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। दफ्तरों में समय पालन की जांच के लिए बनाई गईं कमेटियों के पहले बड़े निरीक्षण में जम्मू संभाग के 10 जिलों में मंगलवार 1177 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। सुबह 10.30 से दोपहर एक बजे तक किए गए औचक निरीक्षण में संभाग में 41 कार्यालय बंद मिले। प्रशासन ने गैर हाजिर और जवाबदेह अमले को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.........
बेलीचराना में तवी नदी किनारे 10 माह बाद भी डंपिंग साइट नहीं हट पाई। जम्मू शहर के वार्डों से उठाया गया कचरा यहां डंप करने से यहां गंदगी बढ़ती जा रही है। यहां ज्यादा मात्रा में पॉलीथिन बिखरा पड़ा है। लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। गले-सडे़ कचरे से उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोग परेशान हैं। जम्मू शहर से रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.........