हाईकोर्ट ने कहा कि विभाग ने नियुक्तियों में किसी तरह की धांधली नहीं की है। नियुक्ति प्रक्रिया में पुलिस भर्ती नियमों में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। इस प्रकार, यह नहीं कहा जा सकता है कि चयन की प्रक्रिया में कोई घोर या स्पष्ट अवैधता रही है।
पुलिस महकमे में 698 सब इंस्पेक्टरों की नियुक्तियों को हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। एग्जीक्यूटिव, आर्म्ड और संचार विंग में यह नियुक्तियां हुई थीं। इनको कुछ उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। शुक्रवार को चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस संजय डार वाली खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की।
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रिट कोर्ट ने भी इसे लेकर दायर तमाम याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाईकोर्ट ने रिट कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए नियुक्तियों को सही ठहराया। बता दें कि कुछ उम्मीदवारों ने नियुक्ति प्रक्रिया को सही नहीं ठहराया था। कहा था कि नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली की गई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट को इस मामले में कोई भी शिकायत विस्तार से नहीं मिली। सामान्य शिकायतें मिली हैं। संबंधित विभाग पहले ही अपने हलफनामे में बता चुका है कि सिर्फ एक सेंटर को छोड़कर बाकी सब जगह भर्ती की वीडियोग्राफी की गई है। सेंटरों पर काफी भीड़ थी। जिससे बायोमीट्रिक हाजिरी संभव नहीं थी। हर एक प्रक्रिया पूरी तरह से ईमानदारी से की गई है। आरोपों में कोई विस्तारपूर्वक जानकारी नहीं दी गई है। कोर्ट ने इन दलीलों के मद्देनजर दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद नियुक्तियों को सही ठहराया।