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जम्मू-कश्मीर: पुंछ में घुसपैठ की साजिश नाकाम, सेना ने दो आतंकवादियों को किया ढेर

Mon, 30 Aug 2021 11:21 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुंछ-जम्मू

सार

सोमवार तड़के नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादी ने पुंछ सेक्टर में घुसपैठ करने का प्रयास किया। अलर्ट सैनिकों द्वारा चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों के साथ भीषण गोलाबारी हुई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों के शवों को बरामद कर लिया गया है। इस घटना की पुष्टि सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने की है।     

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यह भी पढ़ें- एक आतंकी के खात्मे की कहानी: ‘हैदर’ में बना था चॉकलेट ब्वाय, पर कट्टरता के जहर ने बना दिया दहशतगर्द    

उन्होंने बताया कि सोमवार तड़के नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादी ने पुंछ सेक्टर में घुसपैठ करने का प्रयास किया। अलर्ट सैनिकों द्वारा चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों के साथ भीषण गोलाबारी हुई। जिसमें पहले एक आतंकवादी को मार गिराया गया। कुछ देर बाद दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उसके पास से एके -47 राइफल बरामद की गई है। इलाके में अभी तलाशी अभियान जारी है।
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बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद जम्मू-कश्मीर में भी आतंकवाद के मोर्चे पर खतरा बढ़ा है। पता चला है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 38 दहशतगर्दों ने तालिबानी आतंकियों से प्रशिक्षण लिया है। अत्याधुनिक हथियार चलाने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित ये दुर्दांत आतंकी एक सप्ताह पहले पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के हजीरा में स्थित जैश के ट्रेनिंग कैंप में पहुंचे हैं। पुंछ के चक्कां दा बाग के सामने हजीरा कैंप में हलचल तेज होने के भी इनपुट हैं। 

पुंछ का इलाका सीमा पार से आतंकवाद को लेकर काफी संवेदनशील है। सूत्रों के अनुसार यहां कोटली, हजीरा, बाग समेत कुछ अन्य इलाकों में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। इस जिले से लगी एलओसी पर 20 से ज्यादा लॉंचिंग पैड के भी सक्रिय होने की सूचना है। प्रत्येक लॉंचिंग पैड पर 10-12 आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है। 

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भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से पुंछ का एलओसी से लगता इलाका काफी संवेदनशील है। गुलपुर, सलोत्री, चक्कां दा बाग आदि इलाकों से घने जंगलों के रास्ते घुसपैठ करना आसान होता है। वर्ष 2002 के आसपास अफगानी व सूडानी आतंकियों की पुंछ के इलाके में मौजूदगी भी रही है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार का कहना है कि तालिबानी खतरे से निपटने में सुरक्षाबल पूरी तरह सक्षम हैं। हम इसके लिए सभी प्रकार की तैयारियां कर रहे हैं। 

सीमा पार की हलचल, तालिबान पर पूरी नजर 
सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटेलिजेंस ग्रिड को और मजबूत किया गया है। सीमा पार और तालिबान की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। कश्मीर में एलओसी से लगते इलाके से अभी हलचल की सूचना नहीं है। वैसे भी लॉंचिंग पैड सक्रिय हैं। सरहद की सुरक्षा में लगे जवानों को अतिरिक्त मुस्तैद रहने को कहा गया है। 
 
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