नेकां अध्यक्ष ने कहा कि जो सरकार जनता पर अत्याचार करती है, उसे जाना ही पड़ता है। उन्होंने रामायण और कुरान से उदाहरण देते हुए कहा कि वो वक्त कब आएगा वे कह नहीं सकते, लेकिन लोग संयम रखें। अत्याचार पर ईश्वरीय न्याय जरूर होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और (नेकां)नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि टी-20 विश्वकप के मैच में पाकिस्तान की जीत पर जो जश्न मनाए गए, वो पाकिस्तान के समर्थन में नहीं बल्कि भाजपा को चिढ़ाने के लिए थे। यह लोगों की आवाज दबाकर अनुच्छेद-370 हटाने का नतीजा है। यह ज्वालामुखी फटने जैसे हालात हैं, जो आने वाले दिनों में किस रूप और व्यापकता के साथ फटेगा, कहा नहीं जा सकता।
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एलओसी से सटे पुंछ जिले के दौरे पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सुरनकोट में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा लड़कों और लड़कियों ने भाजपा को साफ संदेश दे दिया है कि आपको जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 लौटाना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री दावा कर रहे हैं कि अनुच्छेद-370 हटाने पर एक गोली भी नहीं चली। वह पूछना चाहते हैं कि जब हर घर के बाहर आप सैनिक खड़े कर देंगे तो ऐसा कैसे मुमकिन था।
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उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान जंग की तैयारी पर अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग इसमें सैंडविच बन रहे हैं। ऐसे हालात में गरीब लोग पिस रहे हैं। दोनों मुल्कों की दुश्मनी ही हिंदू और मुसलमान में दरारें पैदा कर रही है।